उत्तर प्रदेश में नशा तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 2026 में 6 हजार से अधिक गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक छह हजार से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। अभियान में 36 हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद हुए और 26 तस्करी गिरोह ध्वस्त किए गए। साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी पुलिस ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताईं।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 22 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में नशा तस्करी, संगठित अपराध और साइबर ठगी के विरुद्ध पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बताया कि वर्ष 2026 में अब तक छह हजार से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस अभियान के दौरान 36 हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। इसके अलावा मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल 26 गिरोहों को ध्वस्त किया गया है।
अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर जोर
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अपराध और अपराधियों के प्रति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई गई है। इसी नीति के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दस प्रमुख प्राथमिकताएं निर्धारित की गई थीं। इन प्राथमिकताओं के अंतर्गत संगठित अपराध, माफिया गतिविधियों और छोटे अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इन प्रयासों से कई क्षेत्रों में अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को निशाना
राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। तस्करी के पीछे सक्रिय गिरोहों, उनकी अवैध कमाई और मादक पदार्थों के परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले साधनों पर भी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक छह हजार से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी और 36 हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों की बरामदगी इसी अभियान का हिस्सा है। इसके साथ ही 26 तस्करी गिरोहों को ध्वस्त कर उनके नेटवर्क को कमजोर करने का प्रयास किया गया है।
साइबर अपराध के मामलों में 635 करोड़ रुपये सुरक्षित
पुलिस महानिदेशक ने साइबर अपराध के विरुद्ध की गई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान साइबर अपराध से जुड़े मामलों में विभिन्न बैंकों में 635 करोड़ रुपये की धनराशि पर रोक लगवाई गई। इस कार्रवाई से हजारों लोगों की धनराशि को सुरक्षित रखने में मदद मिली है। साइबर ठगी के मामलों में समय पर कार्रवाई और संबंधित बैंक खातों में धनराशि रोकना पीड़ितों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस की उपलब्धि
राजीव कृष्ण के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने प्रशिक्षण संबंधी सरकारी मंच पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। उनके मुताबिक, ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश पुलिस देश का पहला विभाग बना है। इस पहल का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के ज्ञान, कार्यकुशलता और बदलती परिस्थितियों में अपराध से निपटने की क्षमता को बेहतर बनाना है।
सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में आई कमी
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें शून्य मृत्यु वाले जिले बनाने की पहल और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास शामिल हैं। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में वर्ष 2026 की पहली छमाही में सड़क दुर्घटनाओं में नौ प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में दस प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे एक हजार से अधिक लोगों का जीवन बचाने में मदद मिलने की बात कही गई है।
अपराध नियंत्रण के लिए अभियान जारी
उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगठित अपराध, नशा तस्करी, साइबर ठगी और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। पुलिस महानिदेशक के बयान के अनुसार, इन क्षेत्रों में कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नशा तस्करों की गिरफ्तारी के साथ उनके आर्थिक स्रोतों और सहयोगियों पर कार्रवाई करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आने वाले समय में इन अभियानों के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा मजबूत करने पर जोर रहेगा।
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