मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर 36.89 लाख ठगे:इंस्टाग्राम पर दिखा था एडमिशन का विज्ञापन, फर्जी अलॉटमेंट लेटर और फीस रसीद थमाया

Oct 22, 2026 - 13:54
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मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर 36.89 लाख ठगे:इंस्टाग्राम पर दिखा था एडमिशन का विज्ञापन, फर्जी अलॉटमेंट लेटर और फीस रसीद थमाया
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार की ग्रीनवुड अपार्टमेंट निवासी महिला से उनकी बेटी का नीट के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 26.89 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के जरिए संपर्क किया। इसके बाद खुद को एडमिशन काउंसलर बताकर बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (BMCRI) में प्रवेश दिलाने का भरोसा दिया। आरोपियों ने महिला को फर्जी अलॉटमेंट लेटर और फीस की रसीद भी भेजी। ठगों ने 36.89 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए, जबकि 10 लाख रुपए हवाला के जरिए नकद लिए। 10 अक्टूबर को बेटी का एडमिशन कराने बेंगलुरु पहुंचने पर महिला को ठगी का पता चला। ग्रीनवुड अपार्टमेंट गोमतीनगर नगर विस्तार निवासी सुमन कटियार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया उनकी बेटी को 1 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर 'डॉक्टर एडमिशन डेस्क' नाम से एक विज्ञापन दिखा था। विज्ञापन पर आवेदन करने के बाद व्हाट्सएप के जरिए विजय कुमार, अभिषेक कुमार और तरुण कुमार के मोबाइल नंबर दिए गए। संपर्क करने पर तीनों ने खुद को एडमिशन काउंसलर बताया और दावा किया कि वे चार-पांच साल से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का काम कर रहे हैं। पहले तीन लाख रुपए सीट बुकिंग के नाम पर लिए पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में सरकारी मेडिकल कॉलेज में डोनेशन या इंस्टीट्यूट लेवल कोटे से प्रवेश दिलाने का भरोसा दिया। इसके लिए बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के नाम से दस्तावेज और ई-मेल भी भेजे गए। आरोपियों ने पहले 30 लाख रुपए में प्रवेश दिलाने की बात कही, लेकिन बाद में डोनेशन के नाम पर 45 लाख रुपए की मांग करने लगे। उन्होंने सीट बुकिंग की प्रक्रिया बताकर तीन लाख रुपए एडवांस मांगे। पीड़िता ने 2 अक्टूबर को अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से आरोपियों के बताए खाते में तीन लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। फर्जी अलॉटमेंट लेटर भेजकर 10 लाख रुपये नकद मंगाए 7 अक्टूबर को आरोपियों ने BMCRI के नाम से अलॉटमेंट लेटर और फीस संबंधी रसीद भेजी। इसमें 10 अक्टूबर को सुबह नौ बजे रिपोर्टिंग करने की तारीख दी गई थी। इसके बाद आरोपियों ने कॉलेज का पेमेंट गेटवे काम नहीं करने का बहाना बनाकर 10 लाख रुपए नकद मांगे। उन्होंने हवाला के जरिए रुपए भेजने की बात कही। 9 अक्टूबर को सुबह करीब 9:48 बजे एक व्यक्ति ने फोन कर अपना नाम कृष्णा कुमार बताया। उसने कहा कि उसे बेंगलुरु में एडमिशन के मामले में भेजा गया है। कुछ देर बाद वह व्यक्ति उनके घर पहुंचा, जहां उसे 10 लाख रुपए नकद दे दिए गए। बेंगलुरु पहुंचने पर खुला ठगी का राज पीड़िता ने बताया कि आरोपियों के झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 26,89,646 रुपए ट्रांसफर किए। इसके अलावा 10 लाख रुपए नकद दिए। इस तरह कुल 36,89,646 रुपए आरोपियों को दिए गए। 10 अक्टूबर को वह बेटी का एडमिशन कराने BMCRI बेंगलुरु पहुंचीं, जहां पता चला कि अलॉटमेंट लेटर और अन्य दस्तावेज फर्जी हैं। कॉलेज में उनकी बेटी के एडमिशन से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इंस्पेक्टर गोमती नगर विस्तार गौरव बाजपेई का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।

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