दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, जबकि विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

Oct 23, 2026 - 17:56
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दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 अक्टूबर 2026

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एक बार फिर प्रदर्शन हुआ। कई संगठनों के कार्यकर्ता चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने निकले, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों से दूसरे स्थानों पर पहुंचाया। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंदिर मार्ग थाने में विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

 सौरव दास और आशुतोष रांका मजिस्ट्रेट के सामने पेश

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को शुक्रवार को दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने में विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इस मामले में अजिंक्य शिंदे का नाम भी सामने आया है। तीनों से जुड़ी कार्यवाही के बीच पार्टी के नेताओं की आगे की रणनीति पर भी नजर बनी हुई है। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच चर्चा जारी है।

सौरव दास ने न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की

मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने के बाद सौरव दास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सभी लोगों को कार्यकारी न्यायालय में चल रही कार्यवाही का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से इस कार्यवाही से संबंधित कोई जानकारी मीडिया को नहीं दी गई है। उन्होंने जानकारी सार्वजनिक करने वालों से भी न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से लेने की अपील की। सौरव दास ने यह भी कहा कि आंदोलन की अगली रणनीति अकेले किसी एक संगठन के बजाय इससे जुड़े सभी लोगों की आपसी चर्चा के बाद तय की जाएगी।

 ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े आंदोलनकारी

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने पर सवाल खड़े किए और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का विरोध किया। इस दौरान ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘विशेष गहन पुनरीक्षण रोको’ और ‘मतों की चोरी बर्दाश्त नहीं करेंगे’ जैसे नारे लगाए गए। सौरव दास ने भी अपने बयान में कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा उनकी मांगों में शामिल है।

 गोल डाकघर के पास प्रदर्शन, पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया

प्रदर्शनकारियों का मार्च दिल्ली में कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग के चौराहे के पास स्थित गोल डाकघर से शुरू हुआ। वहां से प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोकने के लिए रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया और उन्हें बसों में बैठाकर ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को दोपहर दो बजे तक ही प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी।

 वृंदा करात ने सरकार और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

प्रदर्शन में शामिल वामपंथी नेता वृंदा करात ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय मतदाताओं की शिकायतों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वृंदा करात ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन उन्हें ही अव्यवस्था फैलाने वाला बताया जा रहा है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ी पाबंदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विरोध की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।

योगेंद्र यादव ने भी चुनाव आयोग की ओर मार्च किया

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च शुरू किया। उन्होंने सरकार पर आंदोलन को लेकर डरने का आरोप लगाया और कहा कि यदि आंदोलन में विदेशी धन आने के आरोप हैं, तो सरकार को जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ी पाबंदियों पर भी सवाल उठाए। इस दौरान कई संगठनों के कार्यकर्ता चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर जाने की कोशिश करते दिखाई दिए।

 कांग्रेस ने एक नवंबर की रैली को लेकर किया बड़ा ऐलान

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत सामने आई जानकारी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कामकाज में सरकार का हस्तक्षेप रहा है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजे गए कुछ पत्रों पर कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, सरकार और चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब इस समाचार सामग्री में उपलब्ध नहीं है।

 चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए चुनाव आयोग के मुख्यालय और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। बंगला साहिब गुरुद्वारे और गुरुद्वारा रकाब गंज के आसपास भी पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई। प्रशासन ने यातायात को नियंत्रित करने के लिए परामर्श जारी किया था। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक कई मार्गों पर यातायात में बदलाव की जानकारी दी गई, ताकि प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानी को कम किया जा सके।

रामदास अठावले ने ज्ञानेश कुमार का समर्थन किया

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का समर्थन करते हुए कहा कि यदि उन्होंने कोई गलती नहीं की है, तो उन्हें इस्तीफा देने की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए। उनके बयान से स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। एक ओर प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ नेता चुनाव आयोग के समर्थन में सामने आए हैं।

 नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में फैसला संभावित

अखिल भारतीय छात्र संघ की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर भी दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई को लेकर ध्यान बना हुआ है। उन्होंने विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें दस हजार रुपये का बंधपत्र भरने और शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया था। उपलब्ध समाचार के अनुसार, उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को फैसले की संभावना जताई गई, लेकिन उपलब्ध जानकारी में अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं की गई है।

 प्रशांत भूषण ने हिमाचल प्रदेश में शुरू किया विरोध मार्च

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च शुरू किया। इस दौरान कई लोग उनके साथ सड़कों पर दिखाई दिए और उनके हाथों में विरोध से संबंधित पोस्टर थे। दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बीच दूसरे स्थानों पर भी विरोध की गतिविधियां सामने आने से यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। आंदोलन से जुड़े संगठनों की अगली रणनीति पर अब सबकी नजर है।

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