सोमवार को राममंदिर में धूमधाम से मनेगी महर्षि वाल्मीकि जयंती:वाल्मीकि विग्रह का षोडशोपचार पूजन और अभिषेक और आरती होगी, रामायण का पाठ जारी रहेगा
आगामी 26 अक्टूबर, सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। न्यासी डॉक्टर निर्मला यादव को समारोह का प्रभारी बनाया गया है। गुरुवार शाम को इस महोत्सव के निमित्त बनी समिति की बैठक में प्रभारी डॉक्टर निर्मला यादव की उपस्थिति में महोत्सव की रुपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। सीईओ एयर मार्शल (से नि) जितेंद्र मिश्र, सचिव जगदीश आफले, आचार्य केशव, इंद्र देव मिश्र सहित संबंधित जिम्मेदार लोग बैठक में शामिल हुए।
विमर्श के क्रम में तय हुआ कि परिसर स्थित वाल्मीकि मंदिर में शाम चार बजे से शुरू होने वाले महोत्सव में उस समाज के संत, विशिष्ट प्रतिनिधि और ट्रस्ट से संबंधित प्रमुख लोग उपस्थित रहेंगे। मंदिर को बड़ी खूबसूरती से सजाया जाएगा। समारोह के मुख्य वक्ता महंत हनुमत निवास मिथिलेश नंदिनी शरण का उद्बोधन होगा। स्वाभाविक रूप से प्रभु श्रीराम और महर्षि वाल्मीकि के आत्मिक और आध्यात्मिक संबंधों पर चर्चा होगी।म होत्सव में वाल्मीकि विग्रह का षोडशोपचार पूजन होगा और अभिषेक होगा। उनकी आरती होगी। इस बीच वाल्मीकि रामायण का पाठ जारी रहेगा। प्रसाद वितरण के बाद अतिथियों को विदा किया जाएगा। महर्षि वाल्मीकि की जीवन - यात्रा सर्वसमाज के लिए प्रेरक: डॉक्टर निर्मला यादव डॉक्टर निर्मला यादव ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि हिंदू समाज के आध्यात्मिक गुरु हैं। उनके द्वारा रचित वाल्मीकि रामायण आज पूरे विश्व में अनेकानेक भाषाओं में पढ़ा जा रहा है। महर्षि वाल्मीकि की शिक्षा हिंदू समाज का समरसता और सबके समादर का आधार स्तंभ है। उनके बताए मार्ग पर चलकर न केवल हिंदू समाज में एकात्मता का भाव मजबूत होगा वरन राष्ट्र को सर्वथा मजबूती मिलेगी। डाकू रत्नाकर से महर्षि वाल्मीकि बनने की उनकी यात्रा समाज को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
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