"बेल्जियम हमारी हवा चुरा रहा है!" नीदरलैंड का अनोखा आरोप, क्या है 'Wind Theft' का यह मामला?
दि राइजिंग न्यूज। अम्स्टर्डम/ब्रसेल्स | 31 मई, 2025 । दुनिया में चोरी के कई मामले आपने सुने होंगे – जेवर, पैसा, डाटा या यहां तक कि पानी तक की चोरी। लेकिन इस बार नीदरलैंड के एक मौसम विशेषज्ञ ने बेल्जियम पर 'हवा चुराने' का आरोप लगाया है! सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे तकनीकी कारण और पर्यावरणीय चिंता छिपी है।
दि राइजिंग न्यूज। अम्स्टर्डम/ब्रसेल्स | 31 मई, 2025 ।
दुनिया में चोरी के कई मामले आपने सुने होंगे – जेवर, पैसा, डाटा या यहां तक कि पानी तक की चोरी। लेकिन इस बार नीदरलैंड के एक मौसम विशेषज्ञ ने बेल्जियम पर 'हवा चुराने' का आरोप लगाया है! सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे तकनीकी कारण और पर्यावरणीय चिंता छिपी है।
कौन लगा रहा है ये आरोप?
नीदरलैंड की मौसम पूर्वानुमान कंपनी Infoplaza के CEO रेम्को वर्जिल्बर्ग ने बेल्जियम के एक समाचार ब्रॉडकास्टर को दिए इंटरव्यू में यह सनसनीखेज बयान दिया। उन्होंने कहा,
"बेल्जियम के पवन टरबाइन, उत्तरी सागर में हमारे पवन फार्मों से हवा चुरा रहे हैं।"
कैसे 'चोरी' हो रही है हवा की?
वर्जिल्बर्ग का तर्क यह है कि बेल्जियम के पवन ऊर्जा फार्म (Wind Farms), नीदरलैंड की सीमा के ठीक दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित हैं, जहां से अक्सर तेज हवाएं आती हैं। जब बेल्जियम के बड़े-बड़े टरबाइन हवा की दिशा में पहले आ जाते हैं, तो वे हवा की गति को कम कर देते हैं, जिससे पीछे स्थित डच टरबाइनों को कम हवा मिलती है।
"पवन टरबाइन के पीछे हवा की गति कम हो जाती है, और बेल्जियम की टरबाइन हमारे फार्म से 3% तक हवा 'खींच' लेती हैं।" – वर्जिल्बर्ग
बेल्जियम का भौगोलिक 'फायदा'?
नीदरलैंड और बेल्जियम की सीमा साझा है, और उनके पवन फार्म उत्तरी सागर में बेहद नज़दीक स्थित हैं। बेल्जियम के टरबाइनों का स्थान दक्षिण-पश्चिम में है – यानी वही दिशा, जहां से अधिकतर तेज हवाएं आती हैं। इसका मतलब ये हुआ कि बेल्जियम पहले हवा पकड़ लेता है, और नीदरलैंड को उसका नुकसान उठाना पड़ता है।
क्या ये गंभीर मामला है?
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे देश कार्बन-तटस्थ बनने के प्रयासों में तेज़ी ला रहे हैं, उत्तरी सागर में अधिक पवन टरबाइन लगाए जा रहे हैं। इससे 'हवा की चोरी' की समस्या और भी बढ़ सकती है।
वर्जिल्बर्ग का मानना है कि अगर इस दिशा में देशों ने आपसी समन्वय नहीं किया, तो भविष्य में यह एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले सकता है।
बेल्जियम का लक्ष्य क्या है?
बेल्जियम ने 2030 तक 6 गीगावाट पवन ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए वह उत्तरी सागर में बड़े पैमाने पर पवन फार्म लगा रहा है। हालांकि, उसने इस 'हवा चोरी' के आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
'हवा चोरी' का यह मामला भले ही सुनने में अजीब लगे, लेकिन यह वैश्विक ऊर्जा नीति, पर्यावरणीय न्याय और तकनीकी समन्वय का एक गंभीर उदाहरण बनता जा रहा है। आगे चलकर ऐसे विवाद बढ़ सकते हैं अगर प्राकृतिक संसाधनों का सीमापार दोहन बिना नीति और सहमति के किया गया।