ईरानी संसद अध्यक्ष के विमान पर हमले की थी कथित साजिश!
एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ के विमान को कथित रूप से निशाना बनाने की तैयारी की गई थी। अमेरिकी अधिकारियों की चेतावनी के बाद विमान को मशहद में आपात लैंडिंग करानी पड़ी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | तेहरान | 4 जुलाई 2026
ईरान और इजरायल के बीच बढ़े तनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है। एक अंतरराष्ट्रीय समाचार रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ के विमान को कथित तौर पर निशाना बनाने की तैयारी की गई थी। बताया गया कि अमेरिकी अधिकारियों की समय रहते दी गई चेतावनी के बाद विमान का मार्ग बदला गया और उत्तरी ईरान के मशहद में आपात लैंडिंग कराई गई।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में बड़ा दावा
एक अंतरराष्ट्रीय समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ की वापसी यात्रा के दौरान उन पर हमले की आशंका जताई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि इजरायल उनके विमान को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसी इनपुट के आधार पर ईरानी प्रशासन को तत्काल सतर्क किया गया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस्लामाबाद से लौटते समय मिली चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद बाकिर गालिबाफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत के बाद 12 अप्रैल को इस्लामाबाद से तेहरान लौट रहे थे। इसी दौरान अमेरिकी अधिकारियों ने संभावित खतरे की जानकारी ईरानी प्रशासन तक पहुंचाई। चेतावनी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और विमान चालक दल को भी स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बाद यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए गए।
इराक के रास्ते घुसने का किया गया दावा
रिपोर्ट में कहा गया है कि कथित रूप से इजरायल के दो लड़ाकू विमान इराक के रास्ते ईरानी हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे। दावा किया गया कि उनका उद्देश्य गालिबाफ के विमान को निशाना बनाना था। हालांकि इस संबंध में इजरायल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल संभव नहीं है।
मशहद में करानी पड़ी आपात लैंडिंग
संभावित खतरे की सूचना मिलने के बाद गालिबाफ के विमान को तय मार्ग से हटाकर उत्तरी ईरान के मशहद में उतारा गया। रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। आपात लैंडिंग के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। इसके बाद आगे की यात्रा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के बाद पूरी कराई गई।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी चिंताएं
ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से जारी तनाव के कारण पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे समय में किसी शीर्ष नेता पर संभावित हमले की खबर ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। यदि इस तरह के दावों की पुष्टि होती है तो इसका असर क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। फिलहाल संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।