चीन में दो करोड़ लोगों की रोजी पर संकट

दि राइजिंग न्यूज। 28 अप्रैल 2025 ।  गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, चीन में 2 करोड़ कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी नौकरियां अमेरिका को होने वाले निर्यात पर निर्भर हैं और अब उनपर बेरोजगारी का खतरा मंडरा रहा है। 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, चीन के शहरों में लगभग 47 करोड़ लोग कार्यरत हैं।

चीन में दो करोड़ लोगों की रोजी पर संकट

दि राइजिंग न्यूज। 28 अप्रैल 2025 । 

गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, चीन में 2 करोड़ कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी नौकरियां अमेरिका को होने वाले निर्यात पर निर्भर हैं और अब उनपर बेरोजगारी का खतरा मंडरा रहा है।
2024 के आंकड़ों के मुताबिक, चीन के शहरों में लगभग 47 करोड़ लोग कार्यरत हैं।

उधर, Pahalgam Terror Attack के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच पाकिस्तान ने अपने सबसे बड़े रणनीतिक साझेदार चीन से आर्थिक मदद मांगी है। लेकिन हालात यह हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते चीन खुद गहरे संकट में फंसता दिख रहा है — फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और अब ड्रैगन भी भारत की ओर उम्मीद लगाए देख रहा है।

पाकिस्तान ने चीन से मांगी मदद

भारत के सख्त रुख से घबराए पाकिस्तान ने चीन से मौजूदा स्वैप लाइन को 30 अरब युआन से बढ़ाकर 40 अरब युआन (करीब 10 अरब युआन यानी 1.4 अरब डॉलर अतिरिक्त) करने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने रॉयटर्स को बताया कि वे चीन से आर्थिक राहत की गुहार लगा रहे हैं।

ट्रंप टैरिफ से चीन की हालत खराब

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ चीन के लिए भारी मुसीबत बन गए हैं।

  • सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के कई औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों पर ताले लगने लगे हैं।

  • खिलौने, खेल उपकरण और लो-कोस्ट प्रोडक्ट्स बनाने वाली फैक्ट्रियां सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।

  • कंसल्टिंग फर्म Tidalwave Solutions के वरिष्ठ पार्टनर कैमरन जॉनसन ने बताया कि "कई फैक्ट्रियों ने अपने आधे कर्मचारियों को घर भेज दिया है।"

भारत बन रहा नया विकल्प

ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के चलते, अमेरिका में चीन से आयात पर 145% तक टैक्स लगाया जा रहा है, जबकि भारत से आयात पर फिलहाल सिर्फ 10% है, जो जुलाई में बढ़कर 26% होने वाला है।
इस स्थिति में अमेरिकी ग्राहक खोने से बचने के लिए चीनी कंपनियां अब भारतीय निर्यातकों से संपर्क साध रही हैं ताकि उनके जरिए अमेरिकी बाजारों की आपूर्ति जारी रखी जा सके।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार:

  • ट्रंप ने वियतनाम जैसे देशों पर भी भारी टैरिफ लगा दिया है।

  • इससे अब भारत चीनी कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है।

चीन कैसे करेगा पाकिस्तान की मदद?

जब खुद चीन की आर्थिक हालत डगमगा रही है — फैक्ट्रियों में उत्पादन रुक रहा है, बेरोजगारी आसमान छू रही है, और बाजारों में अस्थिरता बढ़ रही है — ऐसे में वह पाकिस्तान को कितनी मदद कर पाएगा, इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान का चीन से बड़ी आर्थिक सहायता मिलने की संभावना बेहद कम है क्योंकि ड्रैगन फिलहाल खुद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में जुटा हुआ है।