अमेरिका में 2 भारतीयों पर नकली दवा बेचने का आरोप:चीन से मंगाते थे वजन घटाने की दवा, 71 साल की सजा हो सकती है

Sep 30, 2026 - 09:34
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अमेरिका में 2 भारतीयों पर नकली दवा बेचने का आरोप:चीन से मंगाते थे वजन घटाने की दवा, 71 साल की सजा हो सकती है
अमेरिका में वजल घटाने की नकली दवा (ओजेम्पिक) बेचने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों पर केस दर्ज किया गया है। अमेरिकी कोर्ट में दाखिल आरोपों के मुताबिक, दोनों ने चीन से नकली दवा मंगाकर अमेरिका में डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेची। दोषी साबित होने पर दोनों को ज्यादा से ज्यादा 71 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक दोनों ने जुलाई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच चीन से नकली ओजेम्पिक मंगाई। इसके बाद उन्होंने इसे अमेरिका में कम दाम पर बेचा। नकली दवा की पैकिंग बिल्कुल असली जैसी थी दोनों आरोपियों की पहचान स्वप्नदीप रॉय और विक्की रमनचा के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि दवा की पैकिंग बिल्कुल असली जैसी हई थी। बॉक्स, दवा की जानकारी वाली पर्ची, इंजेक्शन पेन का लेबल और सुई तक असली जैसी थी, ताकि लोगों को लगे कि वे कंपनी की असली दवा खरीद रहे हैं। एक आरोपी के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी हुआ था अमेरिकी दवा नियामक FDA ने दिसंबर 2023 में नकली ओजेम्पिक की कुछ खेप पकड़ी थी और लोगों को सावधान भी किया था। आरोप है कि इसके बाद भी दोनों दवा बेचते रहे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, स्वप्नदीप रॉय को इटली में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी हुआ था। यानी दुनिया के दूसरे देशों को उसकी तलाश और गिरफ्तारी के लिए अलर्ट किया गया था। बाद में अमेरिका ने इटली से प्रत्यर्पण की मांग की। मंगलवार को उसे फ्लोरिडा के टैम्पा शहर की अदालत में पेश किया गया। रॉय और रमनचा पर कुल 6 आरोप लगाए गए हैं। इनमें तस्करी की साजिश, तस्करी और नकली दवा बेचने जैसे मामले शामिल हैं। अमेरिका नकली दवाओं पर कैसे नजर रखता है? अमेरिका में नकली दवाओं को रोकने के लिए पूरी दवा सप्लाई चेन पर नजर रखी जाती है। दवा बनाने वाली कंपनी से लेकर थोक विक्रेता और मेडिकल स्टोर तक, सभी को लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रखना होता है। कई दवाओं का रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ट्रैक किया जाता है, ताकि पता चल सके कि दवा कहां बनी, कहां गई और किसने बेची। मेडिकल स्टोर को भी दवा खरीदने और बेचने का रिकॉर्ड संभालकर रखना पड़ता है। अगर किसी दवा के नकली होने का शक होता है, तो उसे तुरंत अलग कर जांच की जाती है। नकली साबित होने पर इसकी जानकारी FDA को दी जाती है और दवा को बाजार से हटाया जाता है। इसके बावजूद कभी-कभी नकली दवाएं ऑनलाइन बिक्री, तस्करी या अवैध सप्लायरों के जरिए सिस्टम में घुस जाती हैं। ऐसे मामलों में FDA और दूसरी एजेंसियां जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में गोल्डी बराड़ पर ₹10 करोड़ का इनाम: FBI की टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को टॉप 10 मोस्ट वॉन्टेड की सूची में शामिल किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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