फीस के दबाव में छात्रा की मौत से मचा हड़कंप...
पंजाब के अमृतसर में बारहवीं कक्षा की एक छात्रा की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय की फीस को लेकर बनाए जा रहे दबाव के कारण छात्रा मानसिक तनाव में थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | अमृतसर | 2 जून 2026
पंजाब के अमृतसर से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रा लंबे समय से विद्यालय की फीस को लेकर बनाए जा रहे दबाव से मानसिक रूप से परेशान थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं।
फीस को लेकर मानसिक तनाव में थी छात्रा
परिजनों के अनुसार छात्रा पिछले कुछ समय से विद्यालय की फीस जमा करने को लेकर तनाव में थी। परिवार का दावा है कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से लगातार फीस जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिससे छात्रा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। परिजनों का कहना है कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण फीस जमा करने में देरी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद छात्रा पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है।परिवार के लोगों ने बताया कि छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और अपने भविष्य को लेकर कई सपने देख रही थी। लेकिन बीते कुछ दिनों से वह काफी उदास और चिंतित रहने लगी थी। परिजनों का आरोप है कि फीस को लेकर लगातार बनी स्थिति ने उसके मन पर गहरा असर डाला।
जहरीला पदार्थ निगलने का आरोप
जानकारी के अनुसार छात्रा ने कथित रूप से कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया। अस्पताल में चिकित्सकीय टीम ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।कई घंटों तक चले उपचार के बावजूद छात्रा को बचाया नहीं जा सका। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी गहरा दुख और नाराजगी देखने को मिली।
परिवार ने विद्यालय प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि फीस को लेकर छात्रा पर दबाव नहीं बनाया गया होता तो शायद यह घटना नहीं होती। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।परिजनों का आरोप है कि शिक्षा संस्थानों को छात्रों की मानसिक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए। केवल फीस वसूली को प्राथमिकता देना और छात्रों पर दबाव बनाना गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। परिवार ने प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। चौकी विजय नगर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया। विद्यालय प्रबंधन, परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।
शव का कराया जाएगा परीक्षण
पुलिस ने बताया कि छात्रा के शव का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी। जांच एजेंसियां रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगी।अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या दोष सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच पूरी होने तक सभी तथ्यों को गंभीरता से परखा जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विद्यालयों और अभिभावकों दोनों को अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है।शिक्षा केवल परीक्षा और फीस तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्रों को सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना भी संस्थानों की जिम्मेदारी है। इस घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि छात्रों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए ठोस कदम उठाना कितना आवश्यक है।