अनिरुद्ध त्रिपाठी बोले- कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल न उठाए:चुनावी हार के बाद भ्रम फैलाना गलत, आयोग के स्पष्टीकरण का सम्मान करें
भदोही के दिव्या लॉन में सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस को अपनी कमजोरियों पर विचार करना चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग, ईवीएम और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करना जरूरी है। अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया था कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़े बड़े फैसले सभी चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। उन्होंने कहा कि 2025 और 2026 में एसआईआर से जुड़े आदेशों को सभी चुनाव आयुक्तों ने मंजूरी दी थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण को वैध माना था और कहा था कि निर्वाचन आयोग को इस प्रक्रिया को संचालित करने का अधिकार है। कैबिनेट सचिव को पत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजे गए कथित पत्र को लेकर भी भ्रम फैलाया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के अनुसार यह पत्र किसी नीतिगत निर्णय अथवा एसआईआर से संबंधित नीति-निर्देश नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा विषय था। उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर उपलब्ध है। आयोग के पोर्टल पर वर्तमान में नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की सुविधा दी गई है। हर पात्र नागरिक को मताधिकार दिलाने पर जोर अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में दावे-आपत्तियों और आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था रखी गई है। उन्होंने रेलकर्मियों, मजदूरों, बेघर लोगों सहित ऐसे मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया, जो सामान्य परिस्थितियों में अपने पते पर उपलब्ध नहीं रहते। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम के बजाय वास्तविक व्यवस्था की जानकारी पहुंचनी चाहिए। कांग्रेस के पुराने बयानों का किया उल्लेख प्रेस वार्ता में अनिरुद्ध त्रिपाठी ने राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े विभिन्न पुराने बयानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ईवीएम, निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका, राफेल, सर्जिकल स्ट्राइक और चीन सीमा जैसे विषयों पर विपक्ष की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने 2024 में ईवीएम को लेकर लगाए गए ‘ब्लैक बॉक्स’ संबंधी आरोपों, निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल, 2019 के ‘चौकीदार चोर है’ मामले, विदेशों में न्यायपालिका पर सरकार के प्रभाव संबंधी बयानों, राफेल मामले में सीएजी रिपोर्ट को लेकर राहुल गांधी के बयान, 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में दिए गए बयान तथा 2022 में तवांग की घटना के संदर्भ में दिए गए बयानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय राजनीतिक दलों को तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। ‘आरोपों के बजाय तथ्यों पर चर्चा करे विपक्ष’ जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण के बाद एसआईआर और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर तथ्य सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्वाचन प्रक्रिया का सम्मान करती है तथा जनता के समक्ष तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखती रहेगी। प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष हौसला प्रसाद पाठक, वरिष्ठ नेता नागेंद्र सिंह, जिला महामंत्री अखिलेंद्र सिंह बघेल, जिला मीडिया प्रभारी नवीन मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सतीश चंद्र पांडेय, प्रदीप सिंह, सौरभ मालवीय, सोशल मीडिया प्रभारी अखिलेश तिवारी, मंडल अध्यक्ष दीपम त्रिपाठी सहित इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के लोग मौजूद रहे।
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