दुश्मनों के लिए सेना का संदेश: ऑपरेशन सिंदूर
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की पासिंग आउट परेड में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भारतीय सेना किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की सैन्य क्षमता का नया मानक बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए सशस्त्र बल हर समय तैयार हैं।
दि राइजिंग न्यूज़। खडकवासला। 31 मई 2026
एनडीए की पासिंग आउट परेड में सेना प्रमुख का संबोधन
महाराष्ट्र के खडकवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भविष्य के सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खतरे केवल पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई तरह की चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
ऑपरेशन सिंदूर को बताया नया मानक
सेना प्रमुख ने कहा कि मई 2025 में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमता, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने दिखा दिया कि जब भारत जवाब देता है तो उसका प्रभाव दूर तक दिखाई देता है। उन्होंने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे इसी उत्कृष्टता और अनुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाएं।
तीनों सेनाओं की एकता बनी सफलता की ताकत
जनरल द्विवेदी ने कहा कि अभियान की सफलता का सबसे बड़ा कारण तीनों सेनाओं के बीच मजबूत समन्वय और एकजुटता थी। उन्होंने बताया कि आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच तालमेल पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी इसी सोच की नींव तैयार करती है, जहां भावी अधिकारी एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
बदलती चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश
सेना प्रमुख ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। पारंपरिक युद्ध के साथ-साथ नई रणनीतियां और अप्रत्यक्ष खतरे भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में सैनिकों को शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत और सतर्क रहना होगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य के सैन्य अधिकारियों को तेजी से निर्णय लेने, तकनीक को समझने और हर परिस्थिति में नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करनी होगी।
कैडेट्स के लिए भावुक पल
अपने संबोधन के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि कई दशक पहले वह स्वयं भी इसी अकादमी से पास होकर निकले थे। उन्होंने कहा कि एनडीए केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का केंद्र है। उन्होंने सभी कैडेट्स को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
देश की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट संकेत
सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। उनके संबोधन को भारत की सैन्य तैयारी, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बल हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।