दिल्ली-मुंबई पर आतंकी हमले की साजिश नाकाम

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क देश के प्रमुख शहरों में बड़े हमलों की साजिश रच रहा था। कार्रवाई के दौरान हथियार, ग्रेनेड और कारतूस बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क, फंडिंग और विदेशी कनेक्शन की गहन जांच में जुटी हैं।

दिल्ली-मुंबई पर आतंकी  हमले की साजिश नाकाम

दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 31 मई 2026

विशेष शाखा की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने एक सुनियोजित अभियान के तहत नौ संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क देश के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था। खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोचा। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी साजिश को नाकाम किया जा सका और संभावित खतरे को टाल दिया गया।

हथियार और ग्रेनेड बरामद

छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से अत्याधुनिक पिस्तौल, चार ग्रेनेड और 25 कारतूस बरामद किए गए। जांच में सामने आया है कि बरामद ग्रेनेड पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी में निर्मित बताए जा रहे हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की मदद से इन ग्रेनेडों को नियंत्रित वातावरण में निष्क्रिय कर नष्ट किया गया। बरामद हथियारों और अन्य सामग्रियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि इनके स्रोत और उपयोग की योजना के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब सहित कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न शहरों में अपने संपर्कों के माध्यम से गतिविधियां संचालित कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को विदेश में बैठे संचालकों से निर्देश मिल रहे थे और उनकी गतिविधियों की निगरानी भी वहीं से की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि नेटवर्क को आर्थिक सहायता कहां से मिल रही थी और इसके तार किन-किन अंतरराष्ट्रीय तत्वों से जुड़े हुए हैं। वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों की भी गहन जांच की जा रही है।

संवेदनशील ठिकानों की हुई थी रेकी

जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि आरोपियों ने कई सरकारी भवनों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों की रेकी की थी। एजेंसियों को आशंका है कि इन स्थानों को संभावित हमलों के लिए चुना गया था। मुंबई में कई महत्वपूर्ण स्थानों और पुलों की निगरानी किए जाने के संकेत मिले हैं, जबकि दिल्ली में भी कई संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आई है। इन खुलासों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। महत्वपूर्ण सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

सामाजिक माध्यमों के जरिए संपर्क

पूछताछ में पता चला है कि आरोपी विभिन्न सामाजिक माध्यमों और संदेश सेवा मंचों का उपयोग कर आपस में संपर्क बनाए रखते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, विदेशी संचालकों से बातचीत और निर्देश प्राप्त करने के लिए भी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। अब सुरक्षा एजेंसियां इनके संचार रिकॉर्ड, मोबाइल उपकरणों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं।

जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे

अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क के अन्य सदस्य देश के किन हिस्सों में सक्रिय हैं और क्या किसी अन्य स्थान पर भी इसी तरह की साजिश रची जा रही थी। गिरफ्तार संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से एक संभावित बड़े खतरे को समय रहते टालने में सफलता मिली है। साथ ही पूरे नेटवर्क, उसके वित्तीय स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को उजागर करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।