असम के स्कूलों पर नई पाबंदी, आशुतोष रांका ने हिमंत सरमा से पूछा- डर गए क्या?

असम के विद्यालयों के लिए शिक्षा विभाग की नई सुरक्षा गाइडलाइन को लेकर सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा है। उन्होंने विद्यालयों में बाहरी लोगों के प्रवेश और बिना अनुमति तस्वीरें व वीडियो बनाने पर रोक को लेकर सवाल उठाए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा और विद्यालयों में अनुशासित शैक्षणिक माहौल बनाए रखना बताया गया है।

Sep 30, 2026 - 11:33
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असम के स्कूलों पर नई पाबंदी, आशुतोष रांका ने हिमंत सरमा से पूछा- डर गए क्या?

दि राइजिंग न्यूज़ | असम | 30 सितंबर 2026


असम में विद्यालयों के लिए जारी नई सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को लेकर सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा है। रांका ने सवाल उठाया कि यदि राज्य के विद्यालयों में सब कुछ बेहतर है, तो बाहरी लोगों के प्रवेश और तस्वीरें लेने पर पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं। असम शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और विद्यालय परिसर में अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री हिमंत पर साधा निशाना

सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने असम के विद्यालयों को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा है। उन्होंने शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था को लेकर सामाजिक माध्यम पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री और उनकी टीम विद्यालयों की उपलब्धियां दिखा रही है, जबकि दूसरी तरफ विद्यालय परिसर में प्रवेश को लेकर पाबंदियां लगाई जा रही हैं।रांका ने तंज कसते हुए पूछा कि यदि असम के विद्यालय इतने अच्छे हैं, तो फिर विद्यालयों में प्रवेश पर रोक लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने अपने संदेश में सवाल किया, “क्या डर गए?” उनका यह बयान असम में विद्यालयों की स्थिति को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।

विद्यालयों के लिए क्या जारी हुई नई व्यवस्था

असम शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था के अनुसार विद्यालयों को सुबह की प्रार्थना शुरू होने से पहले मुख्य द्वार बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बाहरी लोगों के विद्यालय परिसर में प्रवेश को भी नियंत्रित किया जाएगा। किसी बाहरी व्यक्ति को परिसर में आने से पहले विद्यालय की अनुमति लेना आवश्यक होगा।नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यालय परिसर में अनधिकृत प्रवेश को रोकना और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखना बताया गया है। विद्यालयों को परिसर में होने वाली गतिविधियों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ये दिशा-निर्देश एक अक्टूबर से लागू किए जाने की बात कही गई है।

बिना अनुमति तस्वीर और वीडियो बनाने पर भी रोक

दिशा-निर्देशों में विद्यालय की कक्षाओं और अन्य गतिविधियों के दौरान बिना अनुमति तस्वीरें लेने तथा वीडियो बनाने पर भी रोक लगाने की बात कही गई है। विद्यालय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि बिना अनुमति कोई व्यक्ति परिसर के भीतर ऐसी गतिविधि न कर सके।शिक्षा विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके अधिकारों की रक्षा करना है। विद्यालय प्रशासन को किसी भी अवांछित स्थिति को रोकने और पढ़ाई का व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

आशुतोष रांका पहले भी उठा चुके हैं विद्यालयों का मुद्दा

आशुतोष रांका और उनकी पार्टी की ओर से असम सहित कई राज्यों में सरकारी विद्यालयों की स्थिति को लेकर अभियान चलाए जाने की बात सामने आई है। हाल में रांका ने असम के एक सरकारी विद्यालय की तस्वीर और वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री की सराहना भी की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे और विद्यालय बनाने तथा दिसपुर और रामपुर के विद्यालयों की स्थिति सुधारने की अपील की थी। रांका ने कहा था कि जिन विद्यालयों का उन्होंने दौरा किया, उनकी स्थिति अच्छी नहीं थी और असम के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए। इसके बाद विद्यालयों की स्थिति और सरकार के दावों को लेकर उनके तथा मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक माध्यम पर बयानबाजी भी देखने को मिली।

हिरासत के बाद भी जारी है बयानबाजी

कुछ दिन पहले गुवाहाटी में सीजेपी की बैठक से पहले आशुतोष रांका और उनकी टीम को पुलिस ने हिरासत में लिया था। रांका ने रिहाई के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि उन्हें और उनकी टीम को अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया।रांका के अनुसार, जब उन्होंने पुलिस से हिरासत का आधार पूछा तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और अधिकारियों ने ऊपर से आदेश मिलने की बात कही। इस मामले के बाद से ही रांका और असम सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज बनी हुई है।

विद्यालय सुरक्षा बनी बहस का केंद्र

असम में विद्यालयों के लिए जारी नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा, बाहरी लोगों के प्रवेश और विद्यालय परिसर में तस्वीरें तथा वीडियो बनाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार की ओर से ऐसी व्यवस्थाओं को सुरक्षा और अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि रांका ने इन्हीं प्रतिबंधों को लेकर मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए हैं।इस पूरे मामले में एक तरफ विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात है, तो दूसरी तरफ विपक्षी और आलोचक इन पाबंदियों के औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में इन दिशा-निर्देशों के लागू होने के बाद विद्यालयों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।

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