बलरामपुर में सैकड़ों दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जन के लिए रवाना:डीएम-एसपी ने भगवा ध्वज दिखाकर किया विदा, जयकारों से गूंजा शहर
बलरामपुर में शारदीय नवरात्रि 2026 के दसवें दिन जिले में शक्ति की आराधना, अटूट आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर आयोजित अनूठे कार्यक्रम में पूरा शहर भक्तिमय रंग में सराबोर नजर आया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, मां के जयकारों और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच वीर विनय चौक से सैकड़ों दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जन के लिए रवाना हुईं। इस भव्य दृश्य का साक्षी बनने के लिए सड़कों के किनारे हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे जिले में लगभग 500 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित किए जाने के बीच वीर विनय चौक पर एक साथ सैकड़ों प्रतिमाओं का एकत्रित होना और फिर सामूहिक रूप से विसर्जन यात्रा पर निकलना इस आयोजन की विशिष्ट पहचान है। सुबह 11 बजे से ही प्रतिमाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देखें, 5 तस्वीरें… दोपहर दो बजे केंद्रीय दुर्गा पूजा समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में डीएम डॉ विपिन कुमार जैन,एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह, विधायक सदर पलटूराम और समिति के पदाधिकारियों ने भगवा ध्वज दिखाकर प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए रवाना किया। विसर्जन यात्रा वीर विनय चौक से निकलकर चौक बाजार, गर्ल्स कॉलेज, टेढ़ी बाजार, बड़े पुल, मेजर चौराहा और कालीथान होते हुए सिसई घाट स्थित राप्ती नदी के तट पर पहुंची, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
जुलूस के दौरान श्रद्धा और उल्लास का अनूठा नजारा दिखाई दिया। कोई मां की भक्ति में झूमता नजर आया तो कोई जयकारों से वातावरण को गुंजायमान करता दिखा। सड़क के दोनों ओर खड़े श्रद्धालु हाथ जोड़कर मां को विदाई देते रहे। ‘जय माता दी’ के उद्घोष के बीच भक्तों ने अगले बरस फिर आने की प्रार्थना की।
मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि बलरामपुर की सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया। विदाई की इस बेला में उत्साह के बीच भावुकता भी दिखी और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां से अगले नवरात्र में पुनः आगमन की कामना की।
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