ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन, दिल्ली-UP से महाराष्ट्र तक मचा घमासान
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर उनके इस्तीफे की मांग की और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उस पर भ्रम और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 28 सितंबर 2026
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला और उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। दूसरी ओर, भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर भ्रम और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोमवार, 28 सितंबर को देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई स्थानों पर मार्च निकाला। कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है। इससे निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और सत्तारूढ़ पक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हुआ है।
दिल्ली में यूथ कांग्रेस का मार्च
दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश करते दिखाई दिए। कांग्रेस इससे पहले भी दिल्ली सहित कई राज्यों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है।
उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्नाव और मुरादाबाद में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। मुरादाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका। इससे पहले लखनऊ में भी कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
जयपुर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता शहीद स्मारक से निर्वाचन आयोग के प्रदेश कार्यालय की ओर मार्च करने निकले। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
महाराष्ट्र में भी सड़कों पर उतरी कांग्रेस
महाराष्ट्र में कांग्रेस ने कई जिलों में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुणे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। नासिक और कोल्हापुर समेत अन्य स्थानों पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस इन प्रदर्शनों के जरिए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रख रही है।
जयराम रमेश ने निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नागरिकता निर्धारित किए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 और संसद द्वारा किए गए संशोधनों के तहत होता है। कांग्रेस का कहना है कि निर्वाचन आयोग को अपने संवैधानिक दायरे में रहकर मतदाता सूची से जुड़े कार्य करने चाहिए। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष की अलग-अलग प्रतिक्रिया रही है।
भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल देश की प्रगति से निराश होकर भ्रम और अराजकता का सहारा ले रहे हैं। नड्डा ने कहा कि निर्वाचन आयोग पहले ही कांग्रेस के आरोपों पर तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर बार-बार आरोप लगाने का भी आरोप लगाया।
निर्वाचन आयोग को लेकर क्यों बढ़ा विवाद
कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बढ़ा है। कांग्रेस इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नामों से जुड़े सवाल उठा रही है। वहीं निर्वाचन आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े निर्णय सामूहिक रूप से लिए गए हैं और आयोग के भीतर अलग-अलग मतों पर चर्चा होना उसकी आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों और निर्वाचन संस्था के बीच सार्वजनिक बहस लगातार तेज हो रही है।
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