डायट में कृषि और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल प्रदर्शित:जैविक खेती, सौर ऊर्जा से सिंचाई और ड्रोन तकनीक की दी जानकारी
श्रावस्ती के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शुक्रवार को समग्र शिक्षा योजना के तहत कृषि और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। दोपहर 3 से 4 बजे तक आयोजित प्रदर्शनी में प्रशिक्षु शिक्षकों ने विभिन्न मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें जैविक खेती, जल संरक्षण, मृदा परीक्षण, सौर ऊर्जा से सिंचाई और ड्रोन तकनीक के उपयोग को दर्शाया गया। खेती की आधुनिक तकनीकों के मॉडल दिखाए प्रदर्शनी में पारंपरिक खेती, पॉलीहाउस, गोबर गैस संयंत्र, रसोई बागवानी, औषधीय पौधों, श्री अन्न की खेती और फसल चक्र से जुड़े मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, स्वच्छ पर्यावरण और पानी शुद्ध करने के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत डायट प्राचार्य राम प्रताप सिंह और अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। अतिथियों ने विभिन्न मॉडल देखे और प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। जैविक खेती से मिट्टी की सेहत होगी बेहतर डायट प्राचार्य राम प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ कृषि और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना जरूरी है। जैविक खेती मिट्टी की सेहत और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। कृषि वैज्ञानिक सिरसिया के राम भरोसे वर्मा ने मृदा परीक्षण और जल संरक्षण की तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। राजकीय महामाया बालिका इंटर कॉलेज, इकौना की प्राचार्य ने प्रदर्शनी में बालिकाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने इसे समाज में हरित सोच विकसित करने की दिशा में पहल बताया।
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