अगले वर्ष भारत दौरे पर आएंगे ट्रंप

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा करेंगे। इस दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर रहेगा। दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक सहयोग के क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।

अगले वर्ष भारत दौरे पर आएंगे ट्रंप

दि राइजिंग न्यूज़ | वॉशिंगटन | 28 जून 2026

भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा करेंगे। इस प्रस्तावित यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मार्को रुबियो ने कहा कि वह स्वयं भारत आकर इस उच्चस्तरीय दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रहे व्यापार समझौते को भी जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

मोदी और ट्रंप की मित्रता को बताया मजबूत आधार

रुबियो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत स्तर पर मजबूत संबंध हैं, जो भारत-अमेरिका साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके अनुसार दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास और सहयोग ने द्विपक्षीय संबंधों को लगातार मजबूत किया है।उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है तथा आज भारत दुनिया की प्रमुख शक्तियों में शामिल हो चुका है। रुबियो ने स्वयं को प्रधानमंत्री मोदी का प्रशंसक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं असीमित हैं।

व्यापार समझौते पर अंतिम दौर की बातचीत

अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने भी दोनों देशों के संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं और व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।उनके अनुसार प्रस्तावित समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देगा और निवेश, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण तथा रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगा। दोनों पक्ष इस समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ रहा सहयोग

अमेरिकी अधिकारियों ने भारत की ऊर्जा क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास भारी कच्चे तेल को परिष्कृत करने की उन्नत क्षमता है। वर्तमान में भारत, अमेरिका और वेनेजुएला ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा तथा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वीजा नीति को लेकर भी दिया स्पष्टीकरण

अमेरिकी अधिकारियों ने हाल में चर्चा में रही नई वीजा व्यवस्था को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। सर्जियो गोर ने कहा कि वीजा प्रणाली में किए जा रहे बदलाव किसी एक देश को लक्ष्य बनाकर नहीं किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन परिवर्तनों का भारत से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और भारतीय नागरिकों को लेकर किसी विशेष प्रकार का प्रतिबंधात्मक दृष्टिकोण नहीं अपनाया गया है।

वैश्विक मुद्दों पर बढ़ रहा सहयोग

अमेरिकी पक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर समान सोच रखते हैं। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, वैश्विक व्यापार, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, ऊर्जा सुरक्षा और नई प्रौद्योगिकियों के विकास जैसे विषयों पर लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं।राष्ट्रपति ट्रंप का प्रस्तावित भारत दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है जब दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा हो सकती है, जिससे भारत और अमेरिका के रिश्तों को और अधिक मजबूती मिलेगी।