ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान! 30 दिनों में भारत के खिलाफ 5 बड़ी गीदड़भभकियां

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के नेताओं ने पिछले तीस दिनों में भारत के खिलाफ कई भड़काऊ बयान दिए। जानिए सिंधु जल समझौते, सैन्य धमकियों और भारत की प्रतिक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान! 30 दिनों में भारत के खिलाफ 5 बड़ी गीदड़भभकियां

दि राइजिंग न्यूज़ | इस्लामाबाद | 30 जून 2026

ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों बढ़ी पाकिस्तान की बयानबाज़ी

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव लगातार बना हुआ है। इसी बीच पाकिस्तान के कई बड़े नेताओं ने अलग-अलग मौकों पर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देकर माहौल को और गर्माने की कोशिश की है। पिछले लगभग तीस दिनों में पाकिस्तान के जलवायु मंत्री, रक्षा मंत्री, राष्ट्रपति और सांसदों ने कई ऐसे बयान दिए, जिन्हें भारत ने गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे वाला करार दिया। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे विवाद को और गहरा कर दिया है।

सिंधु जल समझौते पर बढ़ा विवाद

सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान के जलवायु मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए धमकी भरा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने का प्रयास किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जल विवाद को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई। भारत ने स्पष्ट किया कि जल संसाधनों से जुड़े सभी फैसले राष्ट्रीय हितों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही लिए जाएंगे।

रक्षा मंत्री और राष्ट्रपति के बयान से बढ़ा तनाव

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जल सुरक्षा के मुद्दे पर सैन्य कार्रवाई तक की चेतावनी दी, जबकि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत के धार्मिक मामलों पर टिप्पणी कर नया विवाद खड़ा कर दिया। भारत ने दोनों बयानों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि किसी भी देश को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को अपने घरेलू मामलों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह भी दी।

भारत पर लगाए गए आरोपों को किया गया खारिज

कराची में सुरक्षा बलों के एक शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने बिना किसी ठोस प्रमाण के भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि पाकिस्तान को पहले अपनी धरती पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। भारत का कहना है कि इस तरह के आरोप केवल अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने का प्रयास हैं।

भारत ने दिया सख्त संदेश

भारत सरकार ने पाकिस्तान के सभी भड़काऊ बयानों का स्पष्ट और कड़ा जवाब दिया है। सरकार ने दोहराया कि देश की संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं तथा किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव का भारत मजबूती से सामना करेगा। साथ ही पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और उकसावे वाली बयानबाज़ी से बचने की नसीहत दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान घरेलू राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संकटों से जनता का ध्यान हटाने के लिए समय-समय पर भारत विरोधी बयान देता रहा है।