दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र शुरू:BJP विधायक ने किया उद्घाटन, सफारी के दौरान मोबाइल ले जाने पर रोक; प्रवेश शुल्क नहीं बढ़े

Nov 01, 2026 - 15:02
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दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र शुरू:BJP विधायक ने किया उद्घाटन,  सफारी के दौरान मोबाइल ले जाने पर रोक; प्रवेश शुल्क नहीं बढ़े
लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क में रविवार, 1 नवंबर से पर्यटन सत्र 2026-27 शुरू हो गया। भाजपा विधायक रोमी साहनी ने सुबह करीब 7 बजे फीता काटकर सत्र का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। इस बार सफारी और प्रवेश शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। जंगल सफारी के लिए 65 जिप्सियों का पंजीकरण किया गया है। पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों की जानकारी देने के लिए 50 प्रशिक्षित गाइड भी तैयार किए गए हैं। गाइड सफारी के दौरान वन्यजीवों, पेड़-पौधों और जंगल की खासियतों के बारे में जानकारी देंगे। वन विभाग ने जंगल के रास्तों की मरम्मत, पर्यटन परिसर की साफ-सफाई और अन्य तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। सफारी और प्रवेश शुल्क की दरें : वन विभाग ने पिछले पर्यटन सत्र की दरें ही बरकरार रखी हैं। कैमरे से फोटोग्राफी के लिए अलग से शुल्क देना होगा। सामान्य कैमरे का शुल्क 150 रुपये और डीएसएलआर या बड़े कैमरे का शुल्क 15 हजार रुपये प्रति कैमरा निर्धारित किया गया है। सफारी के दौरान मोबाइल फोन पर प्रतिबंध इस पर्यटन सत्र में पर्यटक, गाइड और जिप्सी चालक सफारी के दौरान मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। सभी के मोबाइल प्रवेश द्वार पर जमा कराए जाएंगे और सफारी पूरी होने के बाद वापस दिए जाएंगे। वन विभाग के मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य जंगल में वन्यजीवों को शांत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। बाघ, गैंडे और बारहसिंगा हैं खास आकर्षण दुधवा टाइगर रिजर्व बाघ, तेंदुआ, एक सींग वाले गैंडे, बारहसिंगा और हाथियों के लिए देशभर में मशहूर है। यहां चीतल, सांभर, काकड़, जंगली सुअर और भालू समेत कई वन्यजीव भी पाए जाते हैं। पार्क में 450 से अधिक प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं। सर्दियों में प्रवासी पक्षियों के आने से झीलों और जलाशयों की रौनक बढ़ जाती है। पर्यटकों के लिए कॉटेज, वन विश्राम गृह और साझा आवास की सुविधा उपलब्ध है। यूपी इको टूरिज्म की वेबसाइट पर कॉटेज और संझा कुटीर (डोरमेट्री) की ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है। भारतीय पर्यटकों के लिए कॉटेज का शुरुआती शुल्क 4,250 रुपये और डोरमेट्री में एक बेड का शुल्क 750 रुपये से शुरू होता है। सुबह 7 से 10 और शाम 3 बजे से सफारी सर्दियों में जंगल सफारी का समय सुबह 7 से 10 बजे और शाम 3 बजे से सूर्यास्त से पहले तक रहेगा। पर्यटक सफारी और ठहरने की ऑनलाइन बुकिंग यूपी इको टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट से कर सकते हैं। लखनऊ से सड़क मार्ग से लखीमपुर, मैलानी और पलिया होते हुए दुधवा पहुंचा जा सकता है। नए पर्यटन सत्र के साथ पर्यटक एक बार फिर तराई के घने साल के जंगलों, विशाल घास के मैदानों और प्राकृतिक जलाशयों के बीच वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकेंगे। …………… ये खबर भी पढ़िए… लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क में रविवार, 1 नवंबर से पर्यटन सत्र 2026-27 शुरू हो गया। भाजपा विधायक रोमी साहनी ने सुबह करीब 7 बजे फीता काटकर सत्र का शुभारंभ किया। नए सत्र में सफारी और प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ाए गए हैं। जंगल सफारी के लिए 65 जिप्सियां और 50 प्रशिक्षित गाइड तैयार किए गए हैं। इस बार पर्यटक, गाइड और जिप्सी चालक सफारी के दौरान मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। मोबाइल फोन प्रवेश द्वार पर जमा होंगे और सफारी के बाद वापस मिलेंगे। जिप्सी सफारी का शुल्क 1,850 रुपए और गाइड का शुल्क 500 रुपए तय किया गया है। पर्यटक सुबह 7 से 10 बजे और शाम 3 बजे से सूर्यास्त से पहले तक सफारी कर सकेंगे। ठहरने और सफारी की ऑनलाइन बुकिंग यूपी इको टूरिज्म की वेबसाइट पर की जा सकती है।

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