पूर्वी यमुना नहर में पानी बंद, सफाई और पुलनिर्माण शुरू:सिंचाई विभाग सहारनपुर से लोनी तक करा रहा नहरों की सफाई
शामली में यमुना नहर में पानी की आपूर्ति बंद होने के बाद अब नहर, रजवाहों और माइनरों की सफाई का अभियान शुरू हो गया है। हरिद्वार से गंगा और हथिनीकुंड बैराज से पूर्वी यमुना नहर में पानी की आपूर्ति बंद होने के कारण नहर सूखी पड़ी है। इसका फायदा उठाकर सिंचाई विभाग ने सहारनपुर से लेकर शामली, बागपत और गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र तक नहरों की सफाई और मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। वहीं, नहर में पानी बंद होने से अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के गंदेवड़ा संगम के पास पूर्वी यमुना नहर पर प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। दरअसल, प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर के आसपास हरिद्वार से गंगा और हथिनीकुंड बैराज से पूर्वी यमुना नहर में पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसके बाद नहर में पानी का स्तर कम होने के बजाय पूरी तरह सूखने की स्थिति बन जाती है। इसी अवधि में सिंचाई विभाग नहरों की तलहटी और किनारों पर जमी सिल्ट, झाड़ियों तथा अन्य गंदगी की सफाई कराता है। साथ ही रजवाहों और माइनरों की सफाई के अलावा आवश्यक मरम्मत और निर्माण कार्य भी कराए जाते हैं। हथिनीकुंड बैराज से निकलने वाली पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर से शामली, बागपत होते हुए गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र तक जाती है। पानी बंद होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में नहर और उससे जुड़ी रजवाहों-माइनरों की सफाई का काम शुरू हो गया है। अलग-अलग स्थानों पर श्रमिक और मशीनों की मदद से सफाई कराई जा रही है। नहर पर विभिन्न स्थानों पर निर्माणाधीन उपरिगामी पुलों का काम भी गति पकड़ रहा है। गंदेवड़ा संगम पर पुल निर्माण को मिली रफ्तार अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के गंदेवड़ा संगम के पास पूर्वी यमुना नहर पर पुल निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। नहर में पानी रहने के दौरान निर्माण कार्य में बाधा आती है। ऐसे में पानी बंद होने की अवधि को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे संबंधित निर्माण एजेंसी को काम करने के लिए बेहतर परिस्थितियां मिलेंगी।कार्तिक पूर्णिमा के बाद आएगा नहर में पानी
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