फुटबॉल विश्व कप में वीडियो सहायक रेफरी विवाद पर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ की सफाई
स्विट्जरलैंड और कतर के बीच वर्ल्ड कप मुकाबले में VAR फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया। प्रसारण के दौरान ऑफसाइड ग्राफिक्स न दिखने से सवाल उठे, जिसके बाद FIFA को आधिकारिक सफाई जारी करनी पड़ी।
दि राइजिंग न्यूज़ | सांता क्लारा | 15 जून 2026
वीडियो सहायक रेफरी के फैसले पर उठा विवाद
फुटबॉल विश्व कप के एक मुकाबले में वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी VAR को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्विट्जरलैंड और कतर के बीच खेले गए मैच में दिए गए एक पेनल्टी निर्णय पर सवाल उठने लगे, जिसके बाद फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था FIFA को आधिकारिक सफाई जारी करनी पड़ी।
पेनल्टी फैसले से शुरू हुआ विवाद
मुकाबले के शुरुआती चरण में स्विट्जरलैंड को एक महत्वपूर्ण पेनल्टी दी गई। घटना तब हुई जब कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा ने पेनल्टी बॉक्स के भीतर स्विट्जरलैंड के खिलाड़ी रेमो फ्रूलर को टक्कर मार दी। मैदान पर मौजूद रेफरी ने तुरंत पेनल्टी का फैसला सुनाया। इसके बाद VAR के माध्यम से घटना की समीक्षा की गई और ऑन फील्ड निर्णय को बरकरार रखा गया। स्विट्जरलैंड के स्ट्राइकर ब्रील एम्बोलो ने इस अवसर को गोल में बदलकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी।
ऑफसाइड ग्राफिक्स न दिखने से बढ़ा विवाद
विवाद तब गहरा गया जब टीवी प्रसारण के दौरान वह VAR ग्राफिक्स दिखाई नहीं गईं जिनसे यह स्पष्ट होता कि संबंधित खिलाड़ी ऑफसाइड स्थिति में था या नहीं। कई दर्शकों और फुटबॉल विशेषज्ञों को लगा कि स्विस खिलाड़ी ऑफसाइड पर था और इसलिए पेनल्टी नहीं मिलनी चाहिए थी। प्रसारण में तकनीकी जानकारी उपलब्ध न होने के कारण सोशल मीडिया और खेल जगत में फैसले को लेकर बहस शुरू हो गई।
मैच रहा बराबरी पर
स्विट्जरलैंड ने पेनल्टी के जरिए शुरुआती बढ़त हासिल की, लेकिन मुकाबले के अंतिम क्षणों में एक आत्मघाती गोल ने मैच का रुख बदल दिया। इंजरी टाइम में स्विस खिलाड़ी मिरो मुहेम के ऑन गोल के चलते कतर को बराबरी मिल गई और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ ने तकनीकी खराबी बताई वजह
विवाद बढ़ने के बाद FIFA ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि समस्या केवल प्रसारण में उपयोग होने वाले ग्राफिक्स सिस्टम में थी। संस्था के अनुसार VAR अधिकारियों के पास सभी आवश्यक तकनीकी उपकरण और ऑफसाइड लाइनें उपलब्ध थीं। FIFA ने कहा कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य तरीके से संचालित हुई और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों से पुष्टि हुई कि संबंधित खिलाड़ी ऑफसाइड पर नहीं था। इसलिए पेनल्टी का फैसला नियमों के अनुरूप और सही था।
गैरी नेविल ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल
पूर्व फुटबॉलर और प्रसिद्ध कमेंटेटर गैरी नेविल ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी साक्ष्य मौजूद थे तो उन्हें दर्शकों और प्रशंसकों के सामने भी रखा जाना चाहिए था। नेविल ने कहा कि फैसले से जुड़े सबूतों को सार्वजनिक न करना पारदर्शिता की भावना के विपरीत है। उनके अनुसार ऐसे बड़े टूर्नामेंटों में प्रशंसकों को हर महत्वपूर्ण निर्णय का स्पष्ट आधार दिखाया जाना चाहिए।
वीडियो सहायक रेफरी प्रणाली प्रणाली पर फिर शुरू हुई बहस
इस घटना के बाद एक बार फिर VAR प्रणाली की पारदर्शिता और तकनीकी विश्वसनीयता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि FIFA ने दावा किया है कि समीक्षा प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आई और सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया, लेकिन प्रसारण में तकनीकी खामी के कारण फैसले की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहे।
तकनीकी व्यवस्था की होगी समीक्षा
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए प्रसारण तकनीक और VAR से जुड़ी दृश्य सामग्री को और अधिक विश्वसनीय बनाना होगा। इससे न केवल दर्शकों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि बड़े निर्णयों को लेकर अनावश्यक विवाद भी कम होंगे।