सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि उसे तय करना होगा कि वह दुनिया के नक्शे में रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने ‘सेना संवाद’ कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है। उनके इस बयान को भारत की सख्त सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ रुख के रूप में देखा जा रहा है।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख

दि राइजिंग न्यूज | 16 मई 2026 ।

भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना और सीमा पार से भारत विरोधी गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह दुनिया के नक्शे में रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है। इस बयान के बाद सुरक्षा और राजनीतिक हलकों में गहरी चर्चा शुरू हो गई है और इसे भारत के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।


सेना संवाद कार्यक्रम में सेना प्रमुख का सख्त बयान, सुरक्षा नीति पर जोर

यह बयान ‘सेना संवाद’ कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जो नागरिक और सैन्य संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख से देश की सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर सवाल पूछा गया था। जवाब में उन्होंने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को पूरी तरह तैयार है। उनके इस बयान को देश की रक्षा नीति की स्पष्ट दिशा के रूप में देखा जा रहा है।

 आतंकवाद पर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, किसी भी हालत में समझौता नहीं

सेना प्रमुख ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पूरी तरह सख्त है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए आवश्यक हर कदम उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारतीय सेना किसी भी स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम और तैयार है। सुरक्षा विशेषज्ञ इस बयान को भारत की मजबूत होती रक्षा नीति का संकेत मान रहे हैं।


पाकिस्तान को सीधा संदेश, रणनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा

जनरल उपेंद्र द्विवेदी के इस बयान को पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट और सीधा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश को अपनी नीतियों और गतिविधियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। भारत अब आतंकवाद के मुद्दे पर और अधिक सख्त और निर्णायक रुख अपना रहा है। इस बयान से क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है और कूटनीतिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।


 सीमा सुरक्षा और सैन्य तैयारियों में लगातार मजबूती

भारतीय सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सेना की निगरानी प्रणाली, तकनीकी क्षमता और रणनीतिक तैयारियों को लगातार मजबूत किया जा रहा है  उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का तुरंत और प्रभावी जवाब देने में सक्षम है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी अधिक मजबूत हुई है।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर, भारत की स्थिति और मजबूत

इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के मजबूत और स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की यह नीति वैश्विक मंच पर भी प्रभाव डाल सकती है।भारत लगातार यह संदेश दे रहा है कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। इससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चर्चा में भारत की भूमिका और मजबूत होती दिख रही है।