राज्यसभा कार्यकाल खत्म होते ही इस्तीफा

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा था।

राज्यसभा कार्यकाल खत्म होते ही इस्तीफा

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 जून 2026

केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा

मोदी सरकार में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने मंत्रिपरिषद से अलग होने का निर्णय लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला

जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। इसी के बाद उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का निर्णय लिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर किया। कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री होने के साथ-साथ मत्स्य पालन पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व

केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल थे। उनके इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार में ईसाई समुदाय के प्रतिनिधित्व को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।कुरियन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का उपाध्यक्ष भी बनाया गया था, जिसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली।

रवनीत सिंह बिट्टू का भी खत्म हुआ कार्यकाल

जॉर्ज कुरियन के साथ केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है। कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य थे जबकि बिट्टू राजस्थान से उच्च सदन में पहुंचे थे। हालांकि अभी तक रवनीत सिंह बिट्टू मंत्रिपद पर बने हुए हैं।राजनीतिक हलकों में अब इस बात को लेकर चर्चा है कि मंत्रिमंडल में खाली हुई जगहों को भरने के लिए सरकार भविष्य में क्या कदम उठाती है और क्या आगामी समय में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना बनती है।

लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे

वर्ष 1960 में केरल के कोट्टायम में जन्मे जॉर्ज कुरियन पेशे से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हैं। भाजपा की स्थापना के शुरुआती दौर से ही वे पार्टी से जुड़े रहे हैं और संगठन के विभिन्न स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में कार्य करने के बाद उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया था। अब राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदमों पर भी नजर बनी हुई है।