सीमा पर फेंसिंग से ग्रामीणों को राहत

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर लंबे समय से लंबित फेंसिंग कार्य शुरू हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सीमा पर बाड़ नहीं होने के कारण चोरी और अवैध गतिविधियों की घटनाएं बढ़ जाती थीं। अब फेंसिंग शुरू होने से लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है।

सीमा पर फेंसिंग से ग्रामीणों को राहत

दि राइजिंग न्यूज़ | कूचबिहार | 11 जून 2026

सीमा क्षेत्र में शुरू हुआ फेंसिंग कार्य

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का कार्य शुरू होने से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से सीमा पर बाड़ नहीं होने के कारण ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। अब सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

चोरी और अवैध गतिविधियों से थे परेशान

कूचबिहार जिले का उत्तर अंदारण गांव मेखलीगंज-कुचलीबाड़ी सीमा क्षेत्र के पास स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमा पर फेंसिंग नहीं होने के कारण रात के समय अपराधियों की गतिविधियां बढ़ जाती थीं। मवेशी चोरी और अन्य घटनाओं से लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।

ग्रामीणों ने की थी स्वयं निगरानी

स्थिति से परेशान होकर गांव के लोगों ने रात में समूह बनाकर निगरानी शुरू कर दी थी। दिनभर खेती का काम करने के बाद भी ग्रामीणों को रात में गांव और पशुओं की सुरक्षा के लिए जागना पड़ता था। कई बार अपराधियों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आई थीं।

भूमि मापन का कार्य शुरू

सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए भूमि मापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार आवश्यक औपचारिकताओं के बाद फेंसिंग का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे सीमा क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

घुसपैठ रोकने में मिलेगी मदद

स्थानीय लोगों का मानना है कि फेंसिंग पूरी होने के बाद अवैध घुसपैठ और सीमा पार से होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। सुरक्षा एजेंसियों को भी सीमा की निगरानी में सुविधा मिलेगी और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

स्थायी समाधान की उम्मीद

ग्रामीणों को उम्मीद है कि सीमा पर बाड़ लगने के बाद वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि फेंसिंग से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों का जीवन भी अधिक सुरक्षित और सामान्य हो सकेगा।