रिलायंस के साथ मेटा का बड़ा समझौता

फेसबुक की मूल कंपनी मेटा भारत में अपना पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर स्थापित करने जा रही है। इसके लिए कंपनी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की है। गुजरात के जामनगर में बनने वाला यह केंद्र भारत के एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

रिलायंस के साथ मेटा का बड़ा समझौता

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 11 जून 2026

भारत में मेटा का पहला एआई डेटा सेंटर

दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा ने भारत में अपना पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना के लिए मेटा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की है। यह डेटा सेंटर गुजरात के जामनगर में विकसित किया जाएगा और आने वाले वर्षों में परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।

रिलायंस करेगी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार

समझौते के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर का निर्माण और संपूर्ण आधारभूत ढांचा तैयार करेगी। इसके बाद मेटा यहां अपने एआई आधारित सिस्टम और सेवाओं का संचालन करेगी। शुरुआती चरण में यह केंद्र 168 मेगावॉट क्षमता के साथ शुरू होगा और भविष्य में इसकी क्षमता का विस्तार किया जाएगा।

एआई मिशन को मिलेगा बल

यह डेटा सेंटर भारत में एआई तकनीक के विकास और डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मेटा के फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल होने वाले उन्नत एआई मॉडल और सेवाओं को इससे तकनीकी समर्थन मिलेगा।

मार्क जुकरबर्ग का बयान

मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि भारत में पहला एआई डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए रिलायंस के साथ साझेदारी पर उन्हें गर्व है। उनके अनुसार जामनगर में बनने वाला यह केंद्र वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में मदद करेगा और भारत में कंपनी के निवेश को नई मजबूती देगा।

पूरी सेवाएं देगी रिलायंस

रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर के पूरे जीवनचक्र के दौरान व्यापक सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इसमें डिजाइन, विकास, उपयोगिता प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और पूर्ण परिचालन सेवाएं शामिल होंगी। कंपनी इस परियोजना के लिए एकीकृत समाधान प्रदाता की भूमिका निभाएगी।

भारत बनेगा एआई हब

विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से भारत के तकनीकी क्षेत्र को नई गति मिलेगी। बड़े पैमाने पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से देश में डिजिटल नवाचार, डेटा प्रोसेसिंग क्षमता और उन्नत तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। जामनगर में बनने वाला यह केंद्र भारत को वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में और मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।