खड़गे के बयान पर मायावती की नसीहत:बोलीं- नेताओं की बयानबाजी से राजनीतिक माहौल हुआ जहरीला, गरीबी–बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की जरूरत
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देश की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी, आपसी कटुता और आरोप-प्रत्यारोप पर चिंता जताई है। उनका इशारा पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का पीएम मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान की ओर था। बसपा प्रमुख ने कहा कि राजनीतिक विरोध अब व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया है। इसमें असंसदीय, अपमानजनक और जातिवादी टिप्पणियों के साथ हिंसक बयानबाजी भी देखने को मिल रही है। यह देश की गरिमा और राजनीतिक व्यवस्था में जनता के भरोसे के लिए चिंता का विषय है। शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को गरिमा का ध्यान रखना चाहिए मायावती ने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए। उन्हें आपत्तिजनक और नफरत बढ़ाने वाली राजनीति को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। संकीर्ण और गरीब-विरोधी स्वार्थ की राजनीति से जनता का राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के कारण जनता पहले से ही परेशान है। ऐसे में नेताओं के बीच आपसी टकराव और आरोप-प्रत्यारोप से स्थिति और गंभीर हो सकती है। मूलभूत समस्याओं पर राजनीतिक दल ध्यान दें मायावती के मुताबिक, जनता चाहती है कि राजनीतिक दल गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे अशोभनीय टिप्पणियों और बयानबाजी की होड़ से बचें, ताकि देश का राजनीतिक माहौल और अधिक कटु न हो।
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