लखनऊ के सहारा स्टेट में दशहरे पर कवि सम्मेलन:रावण दहन के बाद साहित्य और संगीत की महफिल सजी, 26 साल से जारी परंपरा
लखनऊ के सहारा स्टेट में दशहरे की रात रावण दहन के बाद साहित्य और संगीत की महफिल सजी। रात 1 बजे शुरू हुआ कवि सम्मेलन सुबह 5 बजे तक चला। कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। देर रात तक लोग कविताओं का आनंद लेते रहे। दशहरे के उत्सव में साहित्य का रंग भी नजर आया। इसके साथ ही बंगाली भजनों की प्रस्तुति हुई। भजनों पर महिलाओं ने जमकर उत्सव मनाया। कविता और भक्ति संगीत के संगम ने माहौल को खास बना दिया। कवियों का जमावड़ा लगा सहारा स्टेट में कवि सम्मेलन की परंपरा 26 साल से लगातार जारी है। हर साल रावण दहन के बाद यहां साहित्यिक कार्यक्रम होता है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। आयोजन की व्यवस्था बलराम श्रीवास्तव, अखिलेश द्विवेदी, कवि अनपढ़, विशेष मिश्रा, अनुराधा त्रिपाठी, मणिकर्णिका द्विवेदी और सहारा के श्यामल मजूमदार ने संभाली। सभी पिछले 26 वर्षों से आयोजन से जुड़े हैं। महिला मंडल की मीडिया प्रभारी ऐश्वर्या जायसवाल ने कार्यक्रम की जानकारी दी। मौमिता, सुष्मिता बनर्जी समेत कई लोग मौजूद रहे। सुबह 5 बजे तक चली इस महफिल में दशहरे के उत्सव के साथ साहित्य और भक्ति संगीत का रंग देखने को मिला।
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