निजी अस्पताल में मौत के मामले में जांच समिति गठित:आयुष्मान कार्ड के बावजूद रुपये वसूलने का आरोप, ICU में मारपीट की भी शिकायत
बेटे का इलाज कराने आई मां ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि आयुष्मान कार्ड का लाभार्थी होने के बावजूद बेटे के इलाज के लिए रुपये वसूले गए। ICU में मारपीट और बेटे की मौत के बाद दूसरे अस्पताल रेफर करने का भी आरोप लगाया है। महिला ने सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। मामले में CMO ने दो सदस्यीय जांच समिति बनाई है। गुरुवार को शिकायतकर्ता और अस्पताल पक्ष के बयान दर्ज किए जाएंगे। ये था पूरा मामला लखीमपुर के काशीराम आवास निवासी मोनी गुप्ता के मुताबिक, उनके बेटे हिमांशु गुप्ता को सीने में भारीपन और सांस लेने में परेशानी हुई। 23 सितंबर की रात करीब दो बजे वह उसे लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी पहुंचीं। वहां डॉक्टरों ने गंभीर हृदय संबंधी बीमारी की आशंका जताई और लारी कार्डियोलॉजी ले जाने की सलाह दी। मोनी के अनुसार, लारी की इमरजेंसी पहुंचने पर मरीज को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। वहां ICU में बेड खाली नहीं होने की बात कही गई। डॉक्टर हिमांशु की गंभीर हालत बताते हुए उसे बार-बार लारी ले जाने की बात कहते रहे। निजी अस्पताल में शिफ्ट करने के बाद मौत का आरोप परेशान मोनी ने KGMU के एक अधिकारी से फोन पर मदद मांगी। इसके बाद मरीज को नक्षत्रशाला के पास स्थित एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। महिला का आरोप है कि वहां इलाज में लापरवाही के कारण बेटे की मौत हो गई। इसके बाद उसे दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नर्सिंग होम के नोडल अफसर डॉ.एपी सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। 23 अक्टूबर को शिकायतकर्ता और अस्पताल पक्ष को बयान दर्ज कराने के लिए CMO कार्यालय बुलाया गया है। जांच में लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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