नीलेड्रम वाली मुस्कान मेरठ जेल में सिलाई-कढ़ाई सीख रही:पति की हत्यारी को पूरा यकीन- फांसी की सजा से बच जाएगी; बाहर आकर बिजनेस करेगी
देशभर में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड की दोषी मुस्कान रस्तोगी मेरठ जेल में सिलाई-कढ़ाई का काम सीख रही है। इससे पहले वह ब्यूटीशियन का कोर्स सीख चुकी है। साथ ही मुस्कान जेल के अंदर रहते हुए राखी, कंडील (झूमर) और मोमबत्ती बनाना भी सीख चुकी है। मुस्कान जिस तरह से जेल में रहकर खुद को ट्रेंड कर रही है, उससे माना जा सकता है कि उसका पूरा फोकस अब अपने भविष्य पर है। वो मान चुकी है कि उसकी सजा माफ होगी। सोच रही है कि जल्द जेल से बाहर आएगी। जेल से बाहर आते ही स्वरोजगार के जरिए अपनी जिंदगी गुजारेगी। इसलिए मुस्कान जेल में सभी ऐसे कामों को सीखती जा रही है। मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मेरठ जिला कोर्ट ने 14 अक्टूबर को सौरभ की हत्या में फांसी की सजा सुनाई थी। उसकी फांसी माफी का जिम्मा साहिल के परिवार ने उठा लिया है। उन लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 20 महीने से जेल में बंद है मुस्कान मेरठ जिला जेल में मुस्कान रस्तोगी पिछले करीब 20 महीने से बंद है। उस पर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने का दोष है। मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर 3 मार्च, 2025 को सौरभ की हत्या की थी। लाश को काटकर नीले ड्रम में भर दिया था। मुस्कान ने जेल में एक बेटी को जन्म दिया है। जेल मैनुअल के अनुसार उसकी बच्ची जब तक 6 साल की नहीं हो जाती, मुस्कान से कठोर काम नहीं कराया जाएगा। इसीलिए मुस्कान जेल में सामान्य काम कर रही है। वो सिलाई-कढ़ाई भी सीख रही है। बाकी जेल में महिला बंदियों के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग होती हैं। उन सभी में मुस्कान भी अन्य महिला बंदियों के साथ भाग लेती है। महिला संगठन से नया कोर्स सीखने की इच्छा जताई जेल में महिला बंदियों को वोकेशनल ट्रेनिंग देने वाली NGO संजीवनी महिला संस्था ने खुद मुस्कान को इन स्वरोजगारों की ट्रेनिंग दी है। मुस्कान ने सभी नए कोर्स सीखने की इच्छा जताई थी। जेल में महिला बंदियों को ट्रेंड करने आ रही संस्था की सचिव पारुल बंसल ने बताया कि मुस्कान ब्यूटीशियन, कंडील बनाना, बंदनवार बनाना, राखी बनाना सीख चुकी है। सिलाई-कढ़ाई सीख रही है। पारुल ने बताया कि हमारी संस्था जिला जेल में पिछले 20 से अधिक साल से महिला बंदियों को हुनरमंद बना रही है। जिससे, ये महिलाएं जेल से बाहर निकलकर अपना एक नया जीवन शुरू कर सकें। इस काम के जरिए वो अपनी जिंदगी चला सकें। पारुल ने बताया कि मुस्कान ने हमसे सबसे पहले ब्यूटीशियन का कोर्स सीखा था। उसने खुद ब्यूटीपार्लर का कोर्स सीखने की इच्छा जताई थी। इसके बाद रक्षाबंधन पर मुस्कान ने राखी बनाना सीखा था। अब दीवाली पर उसने कंडील और बंदनवार बनाना सीखा है। इस तरह मुस्कान हर ट्रेनिंग ले रही है। हाईकोर्ट में एक ही वकील लड़ रहा मुस्कान-साहिल का केस मुस्कान-साहिल की फांसी माफी का केस एक ही वकील लड़ रहा है। साहिल के परिवार की तरफ से इलाहाबाद में वकील सुशील शुक्ला को हायर किया गया है। सीनियर एडवोकेट सुशील शुक्ला ही मुस्कान-साहिल दोनों का केस हाईकोर्ट में लड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों की फांसी माफी की याचिका डाली है। इस पर 30 नवंबर को सुनवाई होनी है। साहिल के परिवार ने ही मुस्कान को भी फांसी के फंदे से बचाने की जिम्मेदारी ले ली है। ऐसे में साफ है कि मुस्कान को अब अपने जेल से बाहर आने और सजा माफ कराने की चिंता नहीं है। अब उसका पूरा फोकस जेल से बाहर निकलने के बाद अपनी अगली जिंदगी को लेकर है। इसीलिए वह अपने फ्यूचर को सेफ करने पर काम कर रही है। मुस्कान को यकीन- छोटी बेटियों की वजह से फांसी माफ होगी मुस्कान को पूरा यकीन है कि उसकी फांसी की सजा माफ हो जाएगी। वो जल्द जेल से बाहर आएगी। उसने जज के सामने बार-बार अपनी 2 छोटी बेटियों की देख-रेख का जिक्र किया था। मुस्कान का केस लड़ने वाली रेखा जैन ने भी अदालत के सामने ये दरख्वास्त की थी कि मुस्कान के पास दो छोटी बेटियां हैं, उनका भी ख्याल रखा जाए। ऐसे में मुस्कान को यकीन है कि उसकी बेटियों का इमोशनल एंगल उसे फांसी और सजा से बचा लेगा। बाकी का काम साहिल का परिवार कर देगा। जेल से बाहर आते ही वो अपना ब्यूटीपार्लर खोलेगी और अपना जीवन चलाएगी। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- नीले-ड्रम वाली मुस्कान को साहिल के परिवार ने बहू माना, फांसी की सजा से बचाने के लिए एक ही वकील किया मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाई मुस्कान को उसके प्रेमी साहिल का परिवार बचाने के लिए सामने आया है। हाईकोर्ट में साहिल-मुस्कान की फांसी की सजा माफ कराने के लिए एक ही वकील ने याचिका दाखिल की है। पढ़ें पूरी खबर…
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