नोएडा डियर पार्क के 12 बाड़ों में लगेंगे 3490 पेड़:नर्सरी में 18 से 20 फीट के किए जाएंगे, इसके बाद डियर पार्क में करेंगे ट्रांसप्लांट
सेक्टर-91 स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में तैयार हो रहे डियर पार्क में हिरणों और अन्य वन्यजीवों को प्राकृतिक माहौल देने के लिए 3490 पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए पहले पेड़ों को नर्सरी में 18 से 20 फीट ऊंचा किया जाएगा। इसके बाद इन्हें डियर पार्क में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। पार्क में करीब 12 छोटे-बड़े बाड़े बनाए जा रहे हैं। इनमें पेड़-पौधे इस तरह लगाए जाएंगे कि वन्यजीवों को हरियाली के बीच रहने का माहौल मिले और वे एक-दूसरे की आवाज भी सुन सकें। नोएडा प्राधिकरण की योजना के अनुसार डियर पार्क के बाड़ों में पिलखन, चकरेशिया, मौलश्री, पाकड़, बॉटल ब्रश, अशोक, सेमल और कदम प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे। इन पेड़ों को पहले नर्सरी में तैयार किया जाएगा, ताकि पार्क में लगाने के समय उनकी ऊंचाई पर्याप्त हो। 18 से 20 फीट के पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने से बाड़ों में हरियाली विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे वन्यजीवों को छाया और प्राकृतिक वातावरण भी मिल सकेगा। 12 बाड़ों में विकसित होगा प्राकृतिक माहौल
डियर पार्क में हिरणों और दूसरे वन्यजीवों के लिए करीब 12 बाड़े तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से नौ बाड़ों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी पर काम चल रहा है। प्रत्येक बाड़े में करीब 18 से 20 पौधे लगाने की योजना है। पेड़ों की प्रजातियों का चयन पार्क की जरूरत और वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण को ध्यान में रखकर किया गया है। 99 वन्यजीवों को लाने की तैयारी
करीब 30 एकड़ में विकसित हो रहे डियर पार्क पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यहां कुल 99 वन्यजीव रखे जाने की योजना है। इनमें 33 नर और 66 मादा शामिल होंगी। पार्क में माउस डियर, स्पॉटेड डियर, सांभर, हॉग डियर, स्वैम्प डियर और बार्किंग डियर सहित कई प्रजातियां लाई जा रही है। इसके अलावा ब्लैकबक, चिंकारा और चौसिंघा भी रखे जाएंगे। जू से इनको मंगवाने के लिए आवेदन किया गया है। पार्क में अफ्रीका की स्प्रिंगबॉक, इम्पाला, वाइल्डबीस्ट और लेसर कुडू जैसी एंटीलोप प्रजातियां भी देखने को मिलेंगी। इनके अलावा जलीय पक्षियों के लिए एवियरी बनाने की योजना है। वन्यजीवों को लाने की प्रक्रिया सेंट्रल जू अथॉरिटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी। दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
प्राधिकरण का लक्ष्य डियर पार्क का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने का है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से वन्यजीवों को यहां लाने की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्क को सनसेट सफारी की तर्ज पर विकसित करने की भी योजना है, ताकि लोग सूर्यास्त के बाद रात करीब 10 बजे तक हिरणों और जलीय पक्षियों को देख सकें। इसके लिए विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे दर्शकों को वन्यजीव दिखाई दें और उनकी प्राकृतिक दिनचर्या पर कम से कम असर पड़े।
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