ऑनलाइन ठगी के बाद क्या करें

ऑनलाइन ठगी या तकनीकी गड़बड़ी से खाते से पैसा कटने पर निर्धारित समय में शिकायत करने वाले ग्राहकों को पूरी राशि वापस मिल सकती है। जानिए क्या हैं नियम और कैसे करें शिकायत।

ऑनलाइन ठगी के बाद क्या करें

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 25 जून 2026

डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक के नियम ग्राहकों को महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हैं। यदि किसी ग्राहक के खाते से धोखाधड़ी या तकनीकी गड़बड़ी के कारण राशि कट जाती है और वह निर्धारित समय के भीतर बैंक को इसकी सूचना देता है, तो उसे पूरी राशि वापस मिलने का अधिकार हो सकता है।

समय पर शिकायत करने पर मिल सकती है पूरी राहत

देशभर में यूपीआई, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लेनदेन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी के साथ साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि किसी ग्राहक की गलती नहीं है और उसके खाते से धोखाधड़ी के कारण धनराशि निकल जाती है, तो पांच दिनों के भीतर बैंक को सूचना देने पर ग्राहक को पूरी राशि वापस मिल सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।

कैसे तय होती है ग्राहक की जिम्मेदारी

ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में बैंक ग्राहक की जिम्मेदारी के आधार पर मुआवजा तय करते हैं। यदि धोखाधड़ी बैंक की प्रणाली में खामी या किसी तकनीकी त्रुटि के कारण हुई है और ग्राहक की कोई भूमिका नहीं है, तो पूरी राशि लौटाई जा सकती है।वहीं यदि ग्राहक शिकायत दर्ज कराने में देरी करता है, तो मुआवजे की राशि कम हो सकती है। दूसरी ओर यदि ग्राहक ने स्वयं किसी को गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराई है, तो नुकसान की भरपाई मिलना कठिन हो सकता है।

ठगी होने पर तुरंत उठाएं ये कदम

यदि आपके खाते से बिना अनुमति के कोई लेनदेन होता है तो सबसे पहले बैंक को इसकी सूचना दें। इसके साथ ही संबंधित भुगतान सेवा को बंद करवाने का प्रयास करें ताकि आगे कोई और नुकसान न हो।साइबर अपराध सहायता नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना भी जरूरी है। इसके अलावा अपने बैंकिंग पासवर्ड और भुगतान संबंधी सुरक्षा कोड तुरंत बदलें तथा सभी लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय

किसी भी व्यक्ति के साथ एकमुश्त पासवर्ड, गोपनीय संख्या या अन्य बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर अपराधी अक्सर खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं।अज्ञात संदेशों, संदिग्ध कड़ियों और अनजान कॉल पर भरोसा करने से बचना चाहिए। भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता की जानकारी की दोबारा जांच करना भी बेहद आवश्यक है। सावधानी ही डिजिटल ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।