फेसबुक आईडी से चाइल्ड पोर्नोग्राफी परोसी, महिला पर FIR:MHA की साइबर पेट्रोलिंग में पकड़ा गया अलीगढ़ में मामला; तुर्कमान गेट की महिला ने मोबाइल हैक होने का दावा किया
सोशल मीडिया पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री पोस्ट किए जाने का गंभीर मामला अलीगढ़ में सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की साइबर पेट्रोलिंग के दौरान एक फेसबुक अकाउंट से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित वीडियो पोस्ट किए जाने की सूचना मिली। गृह मंत्रालय के साइबर सेल पोर्टल से मिली टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर अलीगढ़ पुलिस ने जांच की। इसके बाद तुर्कमान गेट निवासी एक महिला के खिलाफ कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। महिला ने दावा किया है कि मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करने के बाद उसका फोन हैक हो गया था। अब पुलिस इस दावे की भी जांच करेगी कि अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री कैसे पोस्ट हुई।
IP एड्रेस से शुरू हुई जांच, फेसबुक अकाउंट तक पहुंची पुलिस
पुलिस की जांच आख्या के मुताबिक, साइबर टिपलाइन रिपोर्ट संख्या 236425786 में IP एड्रेस से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी मिली थी। उपनिरीक्षक ने नंबर के इस्तेमाल और संबंधित फेसबुक अकाउंट की पड़ताल की। जांच में तुर्कमान गेट निवासी महिला का नाम सामने आया। आरोप है कि उसके फेसबुक अकाउंट के माध्यम से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित अश्लील वीडियो अपलोड किया गया या ऐसी सामग्री भेजी गई।
हालांकि, किसी अकाउंट या मोबाइल नंबर का किसी व्यक्ति से जुड़ा होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पोस्ट उसी व्यक्ति ने की है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाएगी कि सामग्री किसने पोस्ट की और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
महिला बोली- APK फाइल डाउनलोड की, फिर हैक हुआ मोबाइल
पुलिस पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर बताया कि उसके मोबाइल पर एक APK फाइल आई थी, जिसे उसने डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उसका मोबाइल हैक हो गया। महिला ने आशंका जताई कि इसी दौरान उसकी फेसबुक आईडी से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट हुई होगी।
महिला के इस दावे की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को यह जांचना होगा कि मोबाइल में संदिग्ध एप्लिकेशन इंस्टॉल हुआ था या नहीं, डिवाइस पर अनधिकृत नियंत्रण किया गया था या नहीं और फेसबुक अकाउंट से सामग्री अपलोड करने में किसकी भूमिका थी। जांच में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
क्या होती है MHA की साइबर पेट्रोलिंग?
साइबर पेट्रोलिंग इंटरनेट पर संदिग्ध गतिविधियों और संभावित गैरकानूनी सामग्री की पहचान करने की प्रक्रिया है। इसमें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ऑनलाइन सामग्री की निगरानी, साइबर शिकायतों और टिपलाइन पर मिली सूचनाओं की पड़ताल तथा संबंधित एजेंसियों तक जानकारी पहुंचाना शामिल हो सकता है।
संभावित अपराध की सूचना मिलने पर उपलब्ध डिजिटल जानकारी के आधार पर आगे जांच की जाती है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस को कार्रवाई के लिए सूचना दी जाती है। इस मामले में भी गृह मंत्रालय के साइबर सेल पोर्टल से मिली टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर अलीगढ़ पुलिस ने जांच कर एफआईआर दर्ज की। हालांकि, इस प्रकरण में MHA की टीम ने निगरानी के लिए किन विशिष्ट तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
क्या होती है साइबर टिपलाइन?
साइबर टिपलाइन इंटरनेट पर संभावित गैरकानूनी गतिविधियों या आपत्तिजनक सामग्री की सूचना संबंधित एजेंसी तक पहुंचाने का माध्यम है। इस मामले में मिली टिपलाइन रिपोर्ट में एक फेसबुक अकाउंट से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित सामग्री पोस्ट किए जाने की जानकारी थी।
टिपलाइन पर सूचना मिलने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का अपराध पहले ही साबित हो गया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को तथ्यों की जांच करनी होती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई तय करनी होती है।
चाइल्ड पोर्नोग्राफी क्या है और क्यों गंभीर है मामला?
बच्चों को यौन गतिविधियों या यौन शोषण की परिस्थितियों में दर्शाने वाली अश्लील तस्वीरों, वीडियो और अन्य सामग्री को बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) कहा जाता है। ऐसी सामग्री का निर्माण, प्रसार, साझा करना या उससे जुड़ी अन्य गतिविधियां परिस्थितियों के अनुसार कानून के तहत गंभीर अपराध हो सकती हैं।
इस तरह की सामग्री का ऑनलाइन प्रसार बच्चों के शोषण को बढ़ावा दे सकता है और पीड़ितों को बार-बार नुकसान पहुंचा सकता है। इसी कारण ऐसी सामग्री की पहचान, रिपोर्टिंग और उस पर कानूनी कार्रवाई को गंभीरता से लिया जाता है।
CO प्रथम बोले- जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सीओ प्रथम कमलेश कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय के साइबर सेल पोर्टल से मिली टिपलाइन के आधार पर महिला के फेसबुक अकाउंट से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला ने मोबाइल हैक होने की बात कही है। पुलिस इस दावे की जांच करेगी और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। महिला का मोबाइल हैक हुआ था या नहीं और फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री किसने पोस्ट की, यह डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
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