फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी:भीड़ से दूर रहने की सलाह, 24 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले भारी पुलिस तैनात

Oct 22, 2026 - 08:42
0
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी:भीड़ से दूर रहने की सलाह, 24 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले भारी पुलिस तैनात
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास ने वहां रहने और घूमने गए भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने लोगों से सतर्क रहने. प्रदर्शन वाली जगहों और भीड़भाड़ से दूर रहने को कहा है। वहीं, प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने 24 अक्टूबर को होने वाले नए प्रदर्शनों से पहले बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात करने को कहा है। सरकारी सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह पेरिस में भारतीय दूतावास ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि फ्रांस में हाल के घटनाक्रम और कुछ इलाकों में कर्फ्यू को देखते हुए भारतीय नागरिक सावधानी बरतें। वे उन जगहों पर जाने से बचें, जहां प्रदर्शन हो रहे हैं। साथ ही, फ्रांस के स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। दूतावास ने भारतीयों से अलग-अलग शहरों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में रुकावट की जानकारी लेते रहने को कहा है। आपात स्थिति में मदद के लिए पेरिस में भारतीय दूतावास और मार्सेई में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। फ्रांसीसी सरकार बोली- हिंसा रोकने में नाकाम रहे फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले कई दिनों से जारी हिंसा के बाद सरकार ने कुछ इलाकों में कर्फ्यू बढ़ा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। CBS न्यूज के मुताबिक, फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने माना कि अधिकारियों ने हिंसा की गंभीरता का सही अंदाजा नहीं लगाया था। उन्होंने माना कि 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ शहरों में हालात प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो गए थे। 2500 से ज्यादा लोग हिरासत में महंगाई और सरकारी सुविधाओं में कमी के खिलाफ 17 अक्टूबर को 8 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे थे। न्याय मंत्री जेराल्ड डारमैनिन ने बताया कि 19 अक्टूबर की शाम तक 2500 से ज्यादा लोगों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका था। प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच झड़पों के बाद कई जगह हिंसा फैल गई। लिमोज शहर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी गई। कई दुकानों में लूटपाट हुई और कारोबार से जुड़ी इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया। हिंसा के बाद पेरिस के प्लास द ला रिपब्लिक इलाके और लेस आल शॉपिंग जिले में रात के समय कर्फ्यू लगाया गया। लियोन समेत दूसरे शहरों में भी ऐसी पाबंदियां लागू की गईं। मैक्रों बोले- हिंसा करने वालों को कीमत चुकानी पड़ेगी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 18 अक्टूबर को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को सुनेगी, लेकिन हिंसा करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। कैसे शुरू हुआ था छात्रों का आंदोलन? फ्रांस में छात्रों का प्रदर्शन पिछले महीने शुरू हुआ था। सैकड़ों स्कूलों के छात्र जर्जर इमारतों की मरम्मत, शिक्षकों की कमी, कक्षाओं में छात्रों की संख्या कम करने और पढ़ाई का दबाव घटाने की मांग कर रहे थे। छात्र आंदोलन में मजदूर संगठनों और दूसरे के लोग भी शामिल हुए। इसके बाद महंगाई के खिलाफ भी प्रदर्शन होने लगे। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… ‘बिस्मिल्लाह से ले तेनैब्रे’ फ्रांस के आंदोलन का नारा बना: Gen-Z पुलिस को चिढ़ा रहे; भारत में भी ‘वास्तेगुना हुइंया’ फेमस हुआ था फ्रांस के छात्र आंदोलन में एक अजीब-सा नारा ‘बिस्मिल्लाह, से ले तेनैब्रे’ वायरल हो गया। Gen-Z छात्र पुलिस को चिढ़ाने के लिए इस नारे का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User