गोंडा में 500 से अधिक दुर्गा प्रतिमा विसर्जित:मोबाइल की रोशनी में विसर्जित की प्रतिमाएं, श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
गोंडा जिले में विजयादशमी के दूसरे दिन कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। बुधवार शाम 5 बजे से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला गुरूवार की सुबह 5 बजे तक चलता रहा। परंपरा के अनुसार यहां विजयादशमी के अगले दिन प्रतिमाएं विसर्जित की जाती हैं। अतिसंवेदनशील क्षेत्र करनैलगंज, कटरा बाजार और रूपईडीह की 500 से अधिक प्रतिमाएं करनैलगंज स्थित सरयू कटरा घाट पर विसर्जित की गईं। श्रद्धालु नाचते-गाते, अबीर-गुलाल उड़ाते और प्रसाद बांटते हुए सुबह 4 बजे तक घाटों तक पहुंचे। रात के अंधेरे में प्रतिमाओं का विसर्जन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ 6 से 7 थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। हालांकि, सरयू कटरा घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। घाट पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण लोगों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर प्रतिमाओं का विसर्जन करना पड़ा। आरोप है कि प्रशासन द्वारा अतिरिक्त प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी और केवल सामान्य स्ट्रीट लाइट के सहारे ही काम चलाया गया। प्रतिमा विसर्जित करने पहुंचे रितेश गुप्ता ने कहा कि बड़ी दिक्कतें हुई, किसी तरीके से मोबाइल टॉर्च की रोशनी में विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की है। सुरक्षा व्यवस्था के रहे व्यापक इंतजाम वहीं गोंडा शहर की बात करें तो बंगाली पद्धति से पूजित 10 से अधिक प्रतिमाएं रात 11 बजे खैरा भवानी मंदिर के पोखरे में विसर्जित की गईं। एडिशनल एसपी (पश्चिमी) नितेश सिंह ने बताया कि करनैलगंज और कटरा क्षेत्र में सभी प्रतिमाएं शांतिपूर्ण और सकुशल विसर्जित कर ली गई हैं। किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और रोशनी की व्यवस्था भी की गई थी। दोनों जगह पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स देना थी ताकि किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो।
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