चीन की बढ़ती चुनौती के बीच क्वाड का बड़ा कदम, आतंकवाद पर सख्त संदेश...

नई दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद और सप्लाई चेन संकट जैसे मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया कई आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है। बैठक में आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर जोर देते हुए समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए साझा सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।

चीन की बढ़ती चुनौती के बीच क्वाड का बड़ा कदम, आतंकवाद पर सख्त संदेश...

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 26 मई 2026

भारत की राजधानी नई दिल्ली में सोमवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद जारी साझा बयान में वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद, समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन संकट जैसे मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई गई। विदेश मंत्रियों ने साफ कहा कि दुनिया इस समय कई बड़े आर्थिक और सुरक्षा संकटों का सामना कर रही है और इन चुनौतियों से निपटने के लिए सभी लोकतांत्रिक देशों को मिलकर काम करना होगा।बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में संघर्ष और समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है, जिससे कई देशों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंद महासागर और अन्य समुद्री क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने पर सहमति

क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने बैठक में आतंकवाद को वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। साझा बयान में कहा गया कि आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को “जीरो टॉलरेंस” यानी बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतनी चाहिए। नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद, कट्टरपंथ और आतंकी संगठनों को मिलने वाले आर्थिक समर्थन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है और इससे मिलकर लड़ना होगा।विदेश मंत्रियों ने यह भी कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि खुफिया जानकारी साझा करने, समुद्री सुरक्षा मजबूत करने और साइबर खतरों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाया जाएगा। क्वाड देशों ने साफ संकेत दिया कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मजबूत साझेदारी जरूरी है।

वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

बैठक में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि कई महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ने से दुनिया की सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर तेल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए सभी देशों को साझा प्रयास करने होंगे।क्वाड देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में स्वतंत्र और सुरक्षित समुद्री गतिविधियों के समर्थन की बात दोहराई। बैठक में यह भी कहा गया कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। नेताओं ने नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर दिखा जोर

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के रूप में भी देखा जा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर गंभीर है और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन करता रहा है और आगे भी करता रहेगा।क्वाड देशों की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है। ऐसे में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का एक मंच पर आकर साझा रणनीति बनाना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के बाद जारी बयान को चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक अस्थिरता के बीच बड़ा कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है।