‘साइलेंट क्राइम्स’ फिल्म ने दिखाए साइबर अपराध के खतरे:कानपुर में पुलिस कमिश्नर ने ठगी से बचाव के तरीके बताए

Oct 25, 2026 - 00:01
0
‘साइलेंट क्राइम्स’ फिल्म ने दिखाए साइबर अपराध के खतरे:कानपुर में पुलिस कमिश्नर ने ठगी से बचाव के तरीके बताए
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करना और अनजान लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल ठगी के लिए कर सकते हैं। इससे बचने के लिए कानपुर पुलिस ने शनिवार रात सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। ‘साइबर क्राइम एंड डिजिटल फ्रॉड’ विषय पर हुए कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने लोगों को डिजिटल सुरक्षा, सोशल मीडिया की प्राइवेसी और निजी डेटा सुरक्षित रखने के तरीके बताए। साइबर क्राइम सेल की टीम ने ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में व्यापारी, विद्यार्थी, युवा और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें, लोकेशन और अन्य निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए लोगों को अपने अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग नियमित रूप से जांचनी चाहिए। संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक करने से बचना चाहिए। उन्होंने डेटा ब्रीच यानी निजी डेटा के अनधिकृत रूप से उजागर होने के जोखिमों के बारे में भी बताया। लोगों को मजबूत पासवर्ड रखने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। इससे अकाउंट की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलती है। फर्जी कॉल और लिंक से रहें सावधान साइबर क्राइम सेल की टीम ने बताया कि ठग फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं। कई बार वे बैंक अधिकारी या किसी सरकारी संस्था का प्रतिनिधि बनकर बात करते हैं। भरोसा जीतने या डर पैदा करने के बाद बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। किसी संस्था के नाम पर कॉल या मैसेज आने पर उसके आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें। डिजिटल भुगतान करते समय भी सतर्क रहें। ‘साइलेंट क्राइम्स’ फिल्म दिखाई कार्यक्रम में कमिश्नरेट कानपुर पुलिस की ओर से बनाई गई ‘साइलेंट क्राइम्स’ फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसमें साइबर अपराधों के अलग-अलग तरीकों, डिजिटल दुनिया में मौजूद खतरों और उनके संभावित दुष्परिणामों को दिखाया गया। फिल्म के माध्यम से लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने का संदेश दिया गया। ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। पीड़ित को बिना देरी 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय पर शिकायत करने से संबंधित लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। कार्यक्रम में एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, एडीसीपी साइबर अपराध अरीबा नोमान और एसीपी साइबर अपराध अंजना दहिया सहित साइबर क्राइम सेल के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश और नेशनल (डायरेक्ट टैक्स) ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से लोगों से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की गई।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User