सीतापुर में सिंचाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया:70 साल पुरानी सेवा नियमावली में बदलाव, पे-ग्रेड 2400 करने और संख्या बढ़ाने की मांग
सीतापुर में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर मजिस्ट्रेट को अपना मांग पत्र सौंपा है। सिंचाई संघ के बैनर तले सींचपाल, सींच पर्यवेक्षक और नलकूप चालक संघ से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को उठाते हुए सेवा नियमावली में संशोधन, वेतनमान बढ़ाने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने की बात कही। सिंचाई संघ के जिलाध्यक्ष नीरज कुमार गौतम ने बताया कि पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन और ज्ञापन देने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसी क्रम में सीतापुर में भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए। उन्होंने बताया कि अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को भी ज्ञापन दिया गया है। जिला स्तर पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई। 70 साल पुरानी सेवा नियमावली में संशोधन की मांग नीरज कुमार गौतम ने कहा कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की सेवा नियमावली करीब 70 साल पुरानी है। लंबे समय से इसमें संशोधन नहीं होने के कारण कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि मौजूदा जरूरतों के अनुरूप सेवा नियमावली में संशोधन कर उसे जल्द प्रख्यापित किया जाए। 1900 के पे-ग्रेड पर अटका वेतन कर्मचारियों ने वेतनमान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनका पे-ग्रेड अभी भी 1900 पर अटका हुआ है, जबकि अन्य विभागों में समान स्तर के कर्मचारियों का पे-ग्रेड 2400 तक पहुंच चुका है। सिंचाई विभाग में भी पे-ग्रेड 2400 किए जाने की मांग की गई। कर्मचारियों की कमी से बढ़ रहा काम का बोझ संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ पड़ रहा है। स्थिति यह है कि एक नलकूप चालक को 20 नलकूप चालकों के बराबर काम करना पड़ रहा है। इससे कर्मचारियों को कार्य संचालन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने समस्याओं के समाधान के लिए शासन से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।
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