जालौन में जिम में चाकू मारकर युवक की हत्या:मुख्य आरोपी को उम्रकैद, 84 हजार रुपए जुर्माना; दो अन्य आरोपी दोषमुक्त
जालौन के उरई में जिम में हुए विवाद के बाद चाकू से हमला कर युवक की हत्या करने के करीब तीन साल पुराने मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुरेश चंद्र गुप्ता ने मुख्य आरोपी योगेश तिवारी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 84 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर मुकदमे में नामजद दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अपर शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि उरई कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्र नगर मोहल्ला निवासी रमेश वाल्मीकि ने 22 अक्टूबर 2023 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 21 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे उनका नाती हर्ष वाल्मीकि अपने साथी अनिकेत वाल्मीकि के साथ कृष्णा टॉकीज के पास स्थित देवा हेल्थ क्लब में जिम करने गया था। वहां ग्राम मऊ, थाना नदीगांव निवासी योगेश तिवारी अपने दो साथियों के साथ मौजूद था। आरोप था कि हर्ष को देखते ही योगेश ने गाली-गलौज करते हुए उसे जिम आने का समय बदलने के लिए कहा। हर्ष ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद योगेश और उसके साथियों ने हर्ष को पकड़कर जिम के बाहर ले जाकर मारपीट की। साथियों ने पकड़ा, योगेश ने चाकू से किया हमला आरोप के मुताबिक, योगेश के दोनों साथियों ने हर्ष को पकड़ लिया और योगेश ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान हर्ष का भाई आयुष और साथी अनिकेत समेत अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। परिजन घायल हर्ष को जिला अस्पताल उरई ले गए। वहां से उसे मेडिकल कॉलेज और हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। हालांकि, कानपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना जिम में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई थी। चाकू बरामदगी के बाद दाखिल हुआ आरोपपत्र मामले में उरई कोतवाली पुलिस ने योगेश तिवारी और उसके दो साथियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया था। विवेचना पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की बहस और पेश किए गए साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने योगेश तिवारी पुत्र हरगोविन्द तिवारी निवासी ग्राम मऊ, थाना नदीगांव, हाल निवासी मोहल्ला इंद्रानगर, उरई को दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास और 84 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत जालौन पुलिस की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आया है। पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था।
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