सपा के डा. संजयन ने सजायी सुरों की महफिल:शिक्षक MLC चुनाव में हार के 4 दिन बाद मस्ती में झूमे; खुलकर गाये
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक स्नातक क्षेत्र से सपा के प्रत्याशी रहे डा. संजयन त्रिपाठी हार को भुलाकर आगे की राजनीतिक पारी में जुट गए हैं। जो लोग यह कह रहे थे कि डा. संजयन इस हार से सदमे में हैं, उन्हें उन्होंने करारा जवाब दिया है। परिणाम आने के महज 4 दिन बाद ही उन्होंने पुराने दोस्तों के साथ अपने घर पर सुरों की महफिल सजायी। गीत-संगीत के बीच जमकर झूमे और खुद भी गुनगुनाया। उन्होंने शेवान बिजनौरी की लिखी और पंकज उधास द्वारा गायी गजल 'चांदनी रात में चाँद के सामने,रुख से परदा हटाना गज़ब हो गया' गुनगुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। डा. संजयन त्रिपाठी डिग्री कॉलेज में हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष हैं और साहित्यकार हैं। राजनीति से अलग अपनी आवाज को लेकर भी वह पहचाने जाते हैं। संगीत से भी उनका जुड़ाव है। 31 अक्टूबर की रात डा. संजयन त्रिपाठी ने अपने कुछ शुभचिंतकों को आवास पर आमंत्रित किया था। वहां गीत-संगीत की महफिल भी सजी और संजयन ने अपनी गायिकी की प्रतिभा भी दिखाई। हालांकि डा. संजयन ने इस महफिल की जानकारी खुद से सार्वजनिक नहीं की लेकिन उसमें शामिल रहे कुछ लोगों ने इसे अपने फेसबुक वाल से पोस्ट किया है। इस महफिल में रेल कर्मचारी नेता सुभाष दूबे, लोक गायक राकेश श्रीवास्तव सहित कई डॉक्टर व अन्य लोग उपस्थित रहे। संजयन को मिले थे 9503 वोट, मतगणना का बहिष्कार किया था सपा प्रत्याशी के तौर पर डा. संजयन को शिक्षक एमएलसी चुनाव में प्रथम व द्वितीय वरीयता के मत मिलाकर 9503 वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि प्रथम वरीयता के मतों की चौथे चक्र की मतगणना के बीच ही अनियमितता का आरोप लगाते हुए सपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने मतगणना का बहिष्कार कर दिया था और बाहर चले आए थे। हार के बाद भी अखिलेश यादव ने खूब तवज्जो दी डा. संजयन पर भरोसा जताते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट दिया था। लेकिन वह जीत नहीं दर्ज कर सके। इसके बावजूद उन्हें खूब तवज्जो मिली। सभी सीटों के परिणाम आने के बाद सपा प्रमुख ने लखनऊ में पत्रकारवार्ता की और उसमें जीते हुए उम्मीदवारों के साथ संजयन को भी बुलाया। संजयन अकेले ऐसे उम्मीदवार थे, जो हारने के बाद भी सपा प्रमुख के साथ मुख्य मंच पर मौजूद रहे। अखिलेश ने सार्वजनिक रूप से तो उनकी तारीफ की ही, सपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच भी संजयन को खूब सराहा। सपा कार्यालय से लोहिया भवन तक उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। मंच पर भी अपने बगल में जगह दी जबकि जीते हुए प्रत्याशी दूर बैठे दिखे। संजयन के जरिए पूर्वांचल के ब्राह्मणों में पैठ बनाना चाहते हैं अखिलेश डा. संजयन को टिकट देने के साथ ही अखिलेश यादव ने ब्राह्मणों के बीच पैठ बनाने की कोशिश की। पहले से ही स्व. हरिशंकर तिवारी का परिवार सपा में है। शिक्षक एमएलसी चुनाव में संजयन के सपा में जाने को लेकर खूब चर्चा रही। उन्हें मिले मतों के बाद यह माना जा रहा है कि ब्राह्मण मतदाताओं ने उन्हें भी तवज्जो दी है। सपा प्रत्याशी होने के बाद भी ब्राह्मण मतदाताओं के वोट उन्हें ठीक-ठाक मिले। अब उन्हें और तवज्जो देकर अखिलेश पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसी ट्रेंड की अपेक्षा विधानसभा चुनाव 2027 में कर रहे हैं।
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