मीरा राठौर ने नीलाड्रम हत्याकांड घर का किया शुद्धिकरण:बोलीं- 18 महीने से शुद्धिकरण के लिए प्रयास कर रही थी, मुस्कान को जल्द फांसी देने की मांग

Nov 02, 2026 - 06:15
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मीरा राठौर ने नीलाड्रम हत्याकांड घर का किया शुद्धिकरण:बोलीं- 18 महीने से शुद्धिकरण के लिए प्रयास कर रही थी, मुस्कान को जल्द फांसी देने की मांग
नीला ड्रम हत्याकांड के बाद चर्चा में आए किराए के मकान में रविवार को अहोई अष्टमी के दिन शुद्धिकरण कराया गया। अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर समर्थकों के साथ मकान पर पहुंचीं। यहां मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने संगम के जल से मकान के गेट को धोया। इसके बाद नारियल फोड़ा और धूप-बत्ती जलाकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की। मीरा राठौर ने कहा कि वह पिछले 18 महीने से इस मकान का शुद्धिकरण कराने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें कई बार रोका। रविवार को प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद वह यहां पहुंचीं। मीरा राठौर ने कहा कि मेरठ में मुस्कान ने जिस तरह अपने पति सौरभ की हत्या कर शव के 15 टुकड़े किए और ड्रम में भरकर रखा, ऐसी घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि सात फेरों और सात वचनों के बाद भी इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाओं में शामिल आरोपियों को लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। बोलीं- मुस्कान को जल्द फांसी दी जाए, खुद फंदा लगाने को तैयार मीरा राठौर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करती हैं कि मुस्कान को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उसे सजा नहीं मिलेगी, तब तक सौरभ की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें अनुमति दी जाए तो वह खुद मुस्कान को फांसी का फंदा लगाने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, मुस्कान की दो बेटियां होने के आधार पर उसे माफी नहीं मिलनी चाहिए। जब उसने किसी दूसरे परिवार के बेटे की जिंदगी के बारे में नहीं सोचा तो अपनी बेटियों का हवाला देकर सजा से राहत मांगना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं होते, उनका भी पालन-पोषण और भविष्य बनता है। उन्होंने मुस्कान के परिवार से मिलने की बात पर कहा कि उन्हें उसके परिवार से कुछ लेना-देना नहीं है। उनका आरोप है कि यदि माता-पिता बच्चों को अच्छे संस्कार और सही परवरिश दें तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सौरभ की बेटी को उसके दादा-दादी के पास रखा जाना चाहिए। सौरभ के भाई से मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग मीरा राठौर ने बताया कि वह अहोई अष्टमी के दिन सौरभ के परिवार से मिलने भी आई हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक मां अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती है, उसी भावना के साथ वह सौरभ के परिवार के बीच पहुंची हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ के भाई के साथ मारपीट की घटना हुई है और इस संबंध में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। वह पीड़ित परिवार से मिलकर मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए, लेकिन जांच के नाम पर शिकायत दर्ज करने में देरी नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं आगे भी बढ़ सकती हैं। प्रेमी साहिल और उसके परिवार पर भी उठाए सवाल मीरा राठौर ने हत्याकांड में आरोपी साहिल को लेकर कहा कि यदि साहिल इस मामले में शामिल नहीं होता तो शायद सौरभ की जान नहीं जाती। उन्होंने साहिल के परिवार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी का बेटा गलत करता है तो उसके परिवार को भी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुस्कान और साहिल को अलग-अलग जेलों में रखा जाए, ताकि दोनों का एक-दूसरे से मिल न सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण न्याय मिलने में देरी होती है। उनके मुताबिक, यदि ऐसे मामलों में जल्द फैसला और सजा होती तो दूसरी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती थी। उन्होंने हाल में सामने आए बक्से और अन्य तरीकों से शव छिपाने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बोलीं- पुरुष आयोग का गठन होना चाहिए लगातार सामने आ रहे पतियों की हत्या के मामलों पर मीरा राठौर ने पुरुष आयोग के गठन की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पुरुषों के साथ होने वाली घटनाओं और उनकी शिकायतों को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके अनुसार, कई मामलों में पुरुषों को लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जाती और महिलाओं की शिकायतों को ही प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में महिला या पुरुष होने के आधार पर फैसला नहीं होना चाहिए, बल्कि दोनों पक्षों को सुनकर सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीला ड्रम हत्याकांड के बाद पुरुषों में शादी को लेकर डर का माहौल बना है। कुछ लोग इस तरह की घटनाओं को देखकर शादी करने से भी घबराने लगे हैं। वहीं, दूसरी ओर ऐसी घटनाओं के कारण महिलाओं को भी एक ही नजर से देखा जाने लगा है। उन्होंने कहा कि किसी एक महिला के अपराध के लिए पूरी नारी जाति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हर मामले में व्यक्ति के कृत्य के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। माता-पिता की परवरिश को बताया ऐसी घटनाओं की वजह मीरा राठौर ने कहा कि आजकल सामने आ रहे ऐसे मामलों के पीछे माता-पिता की परवरिश और बच्चों पर निगरानी की कमी भी एक कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह जानना चाहिए कि उनके बच्चे कहां जा रहे हैं और किसके साथ समय बिता रहे हैं। केवल कॉलेज जाने की बात कह देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। बच्चों को अच्छे संस्कार देना और उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार बच्चों को सही मार्गदर्शन दे तो ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। तीन-चार बार प्रयास किया, प्रशासन ने रोका मीरा राठौर ने बताया कि वह मकान के शुद्धिकरण के लिए तीन-चार बार प्रयास कर चुकी थीं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि नीला ड्रम हत्याकांड सामने आने के बाद ही वह यहां आना चाहती थीं, लेकिन उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। एक बार दिल्ली से भी उन्हें वापस ले जाने का आरोप लगाया। प्रशासन का कहना था कि उनके पहुंचने से वहां का माहौल खराब हो सकता है। मीरा राठौर ने कहा कि उनका उद्देश्य माहौल खराब करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार से मिलना और मकान का शुद्धिकरण करना था। रविवार को अहोई अष्टमी के दिन वह यहां पहुंचीं और विधि-विधान से शुद्धिकरण कराया। उन्होंने कहा कि ताजमहल को लेकर भी उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनके अनुसार, वह ताजमहल को शिव मंदिर मानती हैं और वहां पूजा-अर्चना की मांग करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि जिस चीज को वह अपना मंदिर मानती हैं, उसके लिए संघर्ष जारी रखेंगी।

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