दोबारा परीक्षा पर छात्रों का अविश्वास, जंतर-मंतर से उठी जवाबदेही की मांग

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और अभिभावकों ने प्रश्नपत्र लीक तथा मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोबारा होने वाली परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही, पारदर्शिता और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

दोबारा परीक्षा पर छात्रों का अविश्वास, जंतर-मंतर से उठी जवाबदेही की मांग

दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 07 जून 2026

प्रश्नपत्र लीक से नाराज छात्रों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने उनकी वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों को चिंता में डाल दिया है।


दोबारा परीक्षा पर उठे सवाल

विरोध प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों और अभिभावकों ने सरकार द्वारा घोषित दोबारा परीक्षा पर भरोसा न होने की बात कही। उनका कहना था कि जब पहली परीक्षा सुरक्षित नहीं रह सकी तो दोबारा होने वाली परीक्षा की निष्पक्षता की गारंटी कौन देगा। अभिभावकों ने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।


मूल्यांकन प्रणाली को लेकर भी नाराजगी

प्रदर्शन में बारहवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित तकनीकी गड़बड़ियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्रों का आरोप है कि कई उत्तर पुस्तिकाओं के कुछ पृष्ठ मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके, जिससे उनके अंक प्रभावित हुए। कई विद्यार्थियों ने दावा किया कि इस वजह से उनके उच्च शिक्षा और विदेश में अध्ययन के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।


छात्रों ने सुनाई अपनी पीड़ा

प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद यदि परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली पर ही सवाल खड़े हो जाएं तो सबसे अधिक नुकसान ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों का होता है। अभिभावकों ने भी कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाब देना चाहिए।


देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को देशभर में विस्तारित किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की मांग की जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। छात्र और अभिभावक चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शिक्षा व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत किया जाए।