आईपीएल में 776 रन के बावजूद इंतजार जारी वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर बड़ा सवाल
आईपीएल में 776 रन, 72 छक्के और 230+ स्ट्राइक रेट के बावजूद 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में डेब्यू का इंतजार है। टीम मैनेजमेंट उन्हें तैयार मानने के बावजूद लगातार मौका नहीं दे रहा है, जिससे चयन नीति और ‘प्रोसेस’ पर गंभीर बहस छिड़ गई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | स्पोर्ट्स डेस्क | 30 जून 2026
आईपीएल 2026 में 776 रन, 72 छक्के और 230 से अधिक के स्ट्राइक रेट के साथ तहलका मचाने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी अभी भी भारतीय टी20 टीम में डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन को देखते हुए जहां क्रिकेट जगत में उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा माना जा रहा है, वहीं टीम इंडिया में लगातार मौका न मिलने पर चयन प्रक्रिया और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टीम तैयार मानती है, फिर भी मौका नहीं
भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने हाल ही में कहा था कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें किसी तरह का संदेह नहीं है, लेकिन खिलाड़ी को वही प्रक्रिया अपनानी होगी जिससे बाकी खिलाड़ी गुजरते हैं।यही बयान अब बहस का केंद्र बन गया है। जब टीम मैनेजमेंट खुद खिलाड़ी को तैयार मान रहा है, तो फिर उसे प्लेइंग इलेवन में जगह क्यों नहीं मिल रही, यह सवाल लगातार उठ रहा है।
आयरलैंड सीरीज में हार और बढ़ा दबाव
आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरा मैच तो सिर्फ एक रन से गंवाना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने प्लेइंग इलेवन में बदलाव तो किए, लेकिन वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं दिया गया।इस फैसले ने आलोचकों को और मजबूती दी है, क्योंकि हार के बावजूद टीम ने युवा बल्लेबाज को आजमाने का जोखिम नहीं उठाया।
‘प्रोसेस’ बनाम ‘टैलेंट’ की बहस
टीम मैनेजमेंट का तर्क है कि खिलाड़ियों को लंबे समय तक मौका दिया जाना चाहिए और मौजूदा खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। इसका उदाहरण संजू सैमसन को लेकर दिए गए समर्थन के रूप में भी देखा गया है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में अहम भूमिका निभाई थी।लेकिन आलोचकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट केवल पुराने प्रदर्शन पर नहीं चलता, बल्कि लगातार फॉर्म और वर्तमान प्रदर्शन भी मायने रखता है। ऐसे में जब बेंच पर बैठा खिलाड़ी आईपीएल में लगातार विस्फोटक प्रदर्शन कर रहा हो, तो उसे नजरअंदाज करना सवाल खड़े करता है।
सुनील गावस्कर का बयान बना चर्चा का विषय
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड सीरीज में ही मौका मिलना चाहिए था और अब इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें प्लेइंग इलेवन में जरूर शामिल किया जाना चाहिए।गावस्कर के अनुसार, वैभव को ओपनिंग या नंबर-3 पर उतारकर टीम को एक बड़ा ‘सरप्राइज फैक्टर’ मिल सकता है। उनका मानना है कि मौजूदा स्थिति में उन्हें बाहर रखने का कोई ठोस कारण नहीं दिखता।
चयन नीति पर उठ रहे सवाल
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि जब टीम दो नए खिलाड़ियों को डेब्यू करा सकती है, तो फिर वैभव सूर्यवंशी जैसे इन-फॉर्म बल्लेबाज को नजरअंदाज करना चयन नीति पर सवाल उठाता है।आयरलैंड सीरीज के दूसरे मैच में सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव को डेब्यू का मौका मिला, जबकि वैभव एक बार फिर डगआउट में बैठे रह गए।
‘ईगो’ या रणनीति
हालांकि टीम मैनेजमेंट पर सीधे तौर पर ‘ईगो’ का आरोप लगाना सही नहीं होगा, लेकिन लगातार एक ही तर्क—‘प्रोसेस’—दोहराए जाने से सवाल जरूर बढ़ रहे हैं। हर हार के बाद भी बदलाव नहीं होना अब चर्चा का विषय बन गया है।
इंग्लैंड सीरीज पर नजर
अब भारत की नजर इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज पर है। क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज है कि अगर इस सीरीज में भी वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिलता, तो चयन नीति पर दबाव और बढ़ जाएगा। अब यह केवल एक खिलाड़ी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सवाल बन गया है कि क्या असाधारण प्रतिभा को भी अपनी बारी का इंतजार करना होगा, या प्रदर्शन के आधार पर तुरंत मौका मिलेगा।वैभव सूर्यवंशी का मामला अब भारतीय क्रिकेट में चयन नीति, प्रक्रिया और प्रतिभा के उपयोग को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है। आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बावजूद उनका इंतजार जारी है, और आने वाले मैचों में उनका डेब्यू अब सबसे बड़ी निगरानी का विषय बना हुआ है।