वाराणसी में हत्याकांड के आरोपी को छोड़ने पर प्रदर्शन-हंगामा:साहिल-गोलू को लाखों लेकर छोड़ने का SHO लंका पर आरोप, CP कार्यालय में धरना जारी
वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में विनीत कुमार यादव की हत्या के मामले में परिवार की ओर से चिह्नित आरोपियों की गिरफ्तारी और चंद घंटे बाद छोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। केस में कार्रवाई नहीं होने से लंका पुलिस भी कटघरे में खड़ी है। परिजनों के आरोपों के बावजूद छोड़ने के मामले ने लंका इंस्पेक्टर पर रुपये लेने का आरोप लगा है। वहीं परिजनों ने सीपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कार्रवाई की जिद पर अड़े परिजनों की पुलिस से तीखी तकरार हुई, इसके बाद जिद पर अड़े प्रदर्शनकारियों को देखकर अफसरों के पसीने छूट गए। हालांकि अब तक धरना प्रदर्शन जारी है। लंका क्षेत्र में युवक की मौत के मामले में उसके भाई राम दुलार यादव ने पुलिस आयुक्त समेत उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने एक आरोपी को पूछताछ के बाद छोड़े जाने और दूसरे आरोपी की अब तक गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 24 सितंबर की रात करीब दो बजे विनीत कुमार यादव पर जानलेवा हमला किया गया था। मामले में लंका थाने में 25 सितंबर को रात 12:36 बजे मुकदमा अपराध संख्या 0491/2026 दर्ज किया गया। इसमें धारा 109(1), 190, 191(3) और 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई। घायल विनीत को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर, आईएमएस बीएचयू ले जाया गया, जहां 25 सितंबर को रात 2:29 बजे उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई का कहना है कि बीएचयू के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट (क्रेनियो-सेरेब्रल डैमेज) बताया गया है। चोट ब्लंट फोर्स ट्रॉमा से होना बताया गया है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि चोटें एंटी-मॉर्टम हैं और स्वयं पहुंचाई गई होने की संभावना नहीं है। राम दुलार यादव ने आरोप लगाया कि मामले में आरोपी शाहिल सिंह को पुलिस पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है, जबकि नामजद आरोपी आकाश जायसवाल की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपियों के खुले रहने से गवाहों पर दबाव बनाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से शाहिल सिंह को छोड़े जाने के कारणों की जांच कराने की बात कही है। इसके साथ ही आकाश जायसवाल की गिरफ्तारी, मुकदमे में हत्या से संबंधित धारा 103(1) बीएनएस बढ़ाने और विवेचना किसी वरिष्ठ एवं निष्पक्ष अधिकारी से कराने की मांग की है। हत्याकांड में डरे सहमे साथ ही मृतक के परिवार और गवाहों को सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीसीपी, डीआईजी/एडीजी जोन और मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है।
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