यूपी में थोक में भरे गए वोट कटवाने के फॉर्म:सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा- जांच कर सुधार करें
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान थोक में Form-7 आवेदन जमा करने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को इन शिकायतों की जांच करने और गड़बड़ी मिलने पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। साथ ही आयोग से कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। शुक्रवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट यूपी में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। एक समुदाय के लोगों को निशाना बनाने का आरोप सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने आरोप लगाया कि एक विधानसभा क्षेत्र में किसी खास समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर 32 Form-7 आवेदन जमा किए गए। Form-7 का इस्तेमाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए आवेदन करने में होता है। याचिकाकर्ताओं ने इसे SIR प्रक्रिया के दौरान हुई अनियमितता बताते हुए कोर्ट के सामने मुद्दा उठाया। चुनाव आयोग ने माना- थोक में जमा हुए थे फॉर्म चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस नायडू ने कोर्ट को बताया कि थोक में Form-7 आवेदन जमा किए गए थे। आयोग के अधिकारियों ने इनकी जांच और दोबारा सत्यापन किया। ये आवेदन फर्जी पाए गए, इसलिए इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतों की जांच कर आयोग देगा रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे जिन अनियमितताओं पर अभी तक समाधान नहीं हुआ है, उनका विवरण तैयार कर चुनाव आयोग के वरिष्ठ वकील को दें। पीठ ने कहा कि आयोग इन शिकायतों के तथ्यात्मक पहलुओं की जांच करे, जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करे।
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