संभल में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री का रोड-शो:आधे घंटे तक लगा जाम, बोले- 2027 में सरकार बनाएंगे, मुसलमानों को जोड़ेंगे
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री बनाए गए दानिश पाशा ने शुक्रवार शाम 5:30 बजे संभल में रोड शो निकाला। इसमें करीब 100 चार पहिया वाहन और बाइकें शामिल हुईं। रोड शो के दौरान शहर में करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। चौधरी सराय से सैफ खां सराय तक निकला रोड शो दानिश पाशा संभल विधानसभा क्षेत्र के गांव जोगीपुर के रहने वाले हैं। वह पहले भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष थे। रोड शो संभल कोतवाली क्षेत्र की चौधरी सराय पुलिस चौकी से शुरू होकर गांव सैफ खां सराय तक निकाला गया। रास्ते में कई जगह फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया। प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी मिलने पर दानिश ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश टीम में मंत्री बनाकर संभल भेजा गया है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी मुसलमानों को जोड़ने का काम करेगी और मुस्लिम बहुल बूथों पर जाकर संगठन को मजबूत किया जाएगा। पद के लिए पैसे लेने के आरोपों को नकारा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद शान अली और अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया था कि पैसे लेकर पद दिए गए हैं। इस पर दानिश पाशा ने कहा कि पैसे लेने का आरोप निराधार है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी और प्रदेश नेतृत्व तय करता है कि किसे प्रदेश टीम में जगह दी जाएगी। संभल में अल्पसंख्यक मोर्चा को मजबूत करने के सवाल पर दानिश ने कहा कि वह पांच साल तक जिलाध्यक्ष रहे और इस दौरान हर बूथ पर काम किया। आगे भी वह प्रत्येक बूथ पर जाकर मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
2012 में ली थी पार्टी की सदस्यता दानिश पाशा ने बताया कि वर्ष 2012 में वह रोडवेज बस से उत्तराखंड के रुड़की जा रहे थे। रास्ते में एक होर्डिंग पर लिखे टोल फ्री नंबर पर कॉल करके उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली थी। इसके बाद वर्ष 2014 में वह सक्रिय रूप से पार्टी से जुड़ गए। साल- 2018-19 में उन्हें सैफ खां सराय का शक्ति केंद्र संयोजक बनाया गया। इसके बाद साल- 2018 से 2021 तक वह हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के मंडल उपाध्यक्ष रहे। वर्तमान में वह भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री हैं। परिवार का भी रहा है राजनीति से जुड़ाव दानिश पाशा ने बताया कि उनके परिवार का भी लंबे समय से राजनीति से जुड़ाव रहा है। उनके मुताबिक, उनके परदादा हबीबुल्लाह साल- 1985 में ग्राम प्रधान रहे थे। इसके बाद वर्ष 1995 में इमराना पत्नी अंसार हुसैन प्रधान बनीं। वर्ष 2005, 2010 और 2015 में उनके दादा अशतुल्ला प्रधान रहे। वहीं, वर्ष 2021 में उनकी चाची हलीमा रिजवी पत्नी कासिम अली ग्राम प्रधान बनी थीं। फिलहाल गांव में प्रधान प्रशासक है। दानिश पाशा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी है, उसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।
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