बैंक के 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी लीक होने का मामला
भारतीय स्टेट बैंक के 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर लीक होने का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल पते, घर के पते और ऋण संबंधी अभिलेखों के लीक होने की जानकारी मिली है। बैंक ने मामले की जांच साइबर सुरक्षा एजेंसी को सौंपी है। ग्राहकों को संदिग्ध संदेशों और फोन से सावधान रहने तथा अनधिकृत लेनदेन होने पर तुरंत शिकायत करने की सलाह दी जाती है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 अक्टूबर 2026
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में शामिल भारतीय स्टेट बैंक के हजारों ग्राहकों की निजी जानकारी इंटरनेट पर लीक होने का मामला सामने आया है। बैंक ने साइबर हमले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों से संबंधित जानकारी के डार्क वेब पर पहुंचने की बात सामने आई है। इस घटना ने बैंक ग्राहकों की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंक ने मामले की तह तक पहुंचने और जानकारी के लीक होने के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए साइबर सुरक्षा एजेंसी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
क्या है पूरा मामला
भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों की जानकारी इंटरनेट के ऐसे गुप्त हिस्से पर मिलने का मामला सामने आया है, जहां चोरी की गई निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल किए जाने का खतरा रहता है। साइबर सुरक्षा से जुड़े एक खाते के अनुसार, इससे पहले एक हैकर समूह ने बैंक के लगभग 3.75 लाख खातों की जानकारी होने का दावा किया था। हालांकि, बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों से जुड़ी जानकारी लीक होने की बात सामने आई है। इन दोनों आंकड़ों में अंतर है, इसलिए बड़े स्तर पर किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है।
ग्राहकों की कौन-कौन सी जानकारियां हुईं लीक
बैंक की शुरुआती जांच के अनुसार, लीक हुई जानकारी में ग्राहकों की पहचान और व्यक्तिगत विवरण से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। इनमें ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल पते और घर के पते जैसी जानकारियां होने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, कुछ ग्राहकों के ऋण से जुड़े अभिलेख भी लीक होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अब तक उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्येक प्रभावित ग्राहक की कौन-कौन सी जानकारियां लीक हुई हैं और उनका कितना हिस्सा दूसरे लोगों तक पहुंचा है।
बैंक ने जांच के लिए उठाया बड़ा कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने साइबर सुरक्षा एजेंसी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ग्राहकों की निजी जानकारी किस तरह बाहर पहुंची और इसके पीछे किन लोगों या समूहों का हाथ हो सकता है। साथ ही, प्रभावित ग्राहकों की संख्या और लीक हुई जानकारी की वास्तविक सीमा का भी पता लगाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों और संभावित नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्राहकों की जानकारी का कैसे हो सकता है गलत इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के पास ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल पता और घर का पता जैसी जानकारियां पहुंच जाती हैं, तो उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है। ठग बैंक अधिकारी बनकर फोन कर सकते हैं या संदेश भेजकर ग्राहकों से गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ मामलों में चोरी की गई पहचान का इस्तेमाल फर्जी ऋण आवेदन या अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के लिए भी किया जा सकता है। इसलिए ग्राहकों को अनजान फोन, संदेश और संदिग्ध कड़ियों से सावधान रहने की जरूरत है।
ग्राहकों को अभी क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
बैंक ग्राहकों को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ एकमुश्त पासवर्ड, एटीएम का गुप्त अंक या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के कहने पर संदेश में आया सत्यापन अंक बताने या संदिग्ध कड़ी खोलने से बचना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर फोन करे और खाते की जानकारी मांगे, तो उसकी बातों पर भरोसा करने के बजाय बैंक के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही, खाते से होने वाले लेनदेन पर नियमित नजर रखना और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत बैंक को सूचित करना जरूरी है।
खाते से पैसे कटने पर क्या करें
यदि ग्राहक के बैंक खाते से बिना अनुमति के पैसे निकल जाते हैं, तो उसे तुरंत बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा माध्यम पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करके घटना की जानकारी देनी चाहिए। ग्राहक राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत करते समय लेनदेन का विवरण, बैंक से मिले संदेश और शिकायत से संबंधित अन्य प्रमाण सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि जांच में सहायता मिल सके।
क्या बैंक पर पड़ेगा बड़ा असर
बैंक के अनुसार, शुरुआती आकलन में इस घटना से बैंक पर बड़े प्रभाव की आशंका नहीं जताई गई है। हालांकि, ग्राहकों की निजी जानकारी का लीक होना अपने आप में गंभीर मामला है और इसके संभावित परिणामों का सही आकलन जांच के बाद ही किया जा सकता है। फिलहाल यह पता लगाना जरूरी है कि जानकारी किस रास्ते से बाहर पहुंची और क्या इसका इस्तेमाल किसी वित्तीय धोखाधड़ी में किया गया है। ग्राहकों को भी सतर्क रहकर अपने खातों और निजी जानकारी की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)