अभिजीत दीपके ने उद्धव ठाकरे को कहा धन्यवाद, सौरव और आशुतोष की हिरासत पर आज नजरें
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत के खिलाफ आवाज उठाने पर उद्धव ठाकरे का धन्यवाद किया है। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने के दौरान हिरासत में लिया गया था। उनकी न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए पार्टी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में तत्काल सुनवाई की मांग की है। अब इस मामले में अदालत की सुनवाई और आगे के आदेश पर नजर बनी हुई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 अक्टूबर 2026
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे का समर्थन के लिए आभार जताया है। यह मामला सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत से जुड़ा है, जिन्हें जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने के बाद हिरासत में लिया गया था। दोनों की हिरासत के खिलाफ पार्टी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है और तत्काल सुनवाई की मांग की है। इस बीच उद्धव ठाकरे ने दशहरा रैली के दौरान इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा, जिसके बाद अभिजीत दीपके ने सार्वजनिक रूप से उनका धन्यवाद किया।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा, अभिजीत दीपके ने कैसे जताया आभार
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को दशहरा रैली में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए तिरंगे के साथ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाथ में झंडा लेने पर लोगों को हिरासत में ले लिया गया और तिरंगे के प्रति द्वेष का आरोप लगाया। उनके इस बयान को सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके बाद अभिजीत दीपके ने सामाजिक माध्यम पर संदेश साझा कर दोनों की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उद्धव ठाकरे का धन्यवाद किया।
सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों लिया गया था हिरासत में
जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका, कॉकरोच जनता पार्टी के 11 अन्य सदस्यों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा था और वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने इस प्रदर्शन के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका समेत अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों की कार्रवाई के बाद दोनों के मामले में शांति भंग होने की आशंका से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।
मजिस्ट्रेट ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
प्रदर्शन के बाद मजिस्ट्रेट ने 14 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। बाद में सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। इस फैसले के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी ने कानूनी कदम उठाने का निर्णय लिया। पार्टी का कहना है कि दोनों को हिरासत में रखना उचित नहीं है और उनकी स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की है, ताकि दोनों की हिरासत पर जल्द फैसला हो सके। पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि सौरव और आशुतोष को एक मिनट भी जेल में नहीं रहना चाहिए। उनका आरोप है कि राजनीतिक गतिविधियों के कारण दोनों की स्वतंत्रता छीनी जा रही है।
आज सुनवाई की मांग, हिरासत पर टिकी नजरें
खबर के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय तत्काल सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत की अवधि बुधवार को समाप्त हो रही थी। ऐसे में अदालत की कार्यवाही से उनकी रिहाई या आगे की कानूनी स्थिति को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।
ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और नवीन पटनायक ने भी दिया समर्थन
सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले में दूसरे राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने भी दोनों के समर्थन में बयान दिए हैं। इस मामले ने प्रदर्शन के अधिकार, तिरंगे के इस्तेमाल और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। अब सबकी नजर दिल्ली उच्च न्यायालय की सुनवाई और उसके फैसले पर है।
अभिजीत दीपके ने पहले भी उठाए थे सवाल
अभिजीत दीपके ने 19 अक्टूबर को भी सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि दोनों का पहला अपराध जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना था और दूसरा अपराध पीछे हटने से इनकार करना था। दीपके ने हिरासत के बावजूद दोनों के हौसले और उनके रवैये का उल्लेख किया। पार्टी लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रही है और इस मामले को प्रदर्शन के अधिकार से जोड़कर उठा रही है।
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