अधिवक्ताओं की सुरक्षा-कल्याण को लेकर CM को ज्ञापन:फतेहपुर में हर बुधवार हड़ताल का ऐलान; सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग
फतेहपुर में अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन बुधवार के दिन 11 बजकर 30 मिनट पर जिलाधिकारी को सौंपा है।बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर त्वरित कार्रवाई न होने तक अधिवक्ता प्रत्येक बुधवार को हड़ताल पर रहेंगे। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव और महामंत्री अनुराग नारायण मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रांतीय आह्वान और अपनी आम सभा के निर्णय के अनुसार विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया।ज्ञापन में कहा गया है कि कानपुर बार एसोसिएशन एवं द लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्ताव तथा 16 सितंबर 2026 के निर्णय के तहत अधिवक्ता सुरक्षा व अधिकारों के हनन के विरोध में यह कदम उठाया गया है। अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगें अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू हो:उत्तर प्रदेश में अतिशीघ्र'अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम'लागू किया जाए। कल्याण राशि में वृद्धि:अधिवक्ता कल्याण की धनराशि को वर्तमान पाँच लाख रुपये से बढ़ाकर पच्चीस लाख रुपये किया जाए। भत्ता एवं आर्थिक सहायता:नए अधिवक्ताओं के लिए प्रोत्साहन भत्ता तथा 70 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके अधिवक्ताओं को मानक भत्ता प्रदान किया जाए। न्यायिक परिसर में बुनियादी ढांचा:न्यायिक परिसरों में अधिवक्ताओं की संख्या के अनुसार उनके बैठने के लिए पर्याप्त निर्माण एवं पुनर्निर्माण हेतु प्रांतीय बजट में विशेष प्रावधान किया जाए। कानून में संशोधन पर विचार-विमर्श:अधिवक्ता अधिनियम में किसी भी प्रकार का संशोधन अधिवक्ता संघों से विचार-विमर्श के बाद ही किया जाए। न्यायिक क्षेत्राधिकार की वापसी:यू.पी.एक्ट 16 सन् 2021 के न्यायिक क्षेत्राधिकार को प्रशासनिक न्यायालय से वापस लेकर दीवानी न्यायालय में पूर्ववत तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित सतीश शर्मा,छाया देवी,अविनाश कुमार सिंह, गणेश प्रसाद तिवारी,सुनील कुमार गुप्ता,हंसराज सिंह, अमित सिंह,वागीश कुमार श्रीवास्तव,शिव प्रकाश मिश्रा सहित दर्जनों अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि शासन स्तर से मांगों पर अतिशीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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