दिल्ली में प्रदूषण रोकने का नियम बना मुसीबत! BS-6 प्रतिबंध से लगा लंबा जाम
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए BS-6 से पुराने बाहरी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे सीमाओं पर लंबा जाम लग रहा है और सरकार के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 3 नवंबर 2026
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर सख्ती बढ़ा दी है। 1 नवंबर 2026 से लागू नियम के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-6 मानक से पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, इस फैसले के कारण दिल्ली-हरियाणा और दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। दिल्ली-गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद मार्गों पर लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, नियम लागू होने के पहले दिन ही 1,539 से अधिक वाहनों को सीमा से वापस लौटाया गया और 68 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया। इस फैसले पर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि दिल्ली के प्रदूषण के लिए केवल वाहन ही जिम्मेदार नहीं हैं। पराली जलाने, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक गतिविधियों का भी इसमें बड़ा योगदान है। ऐसे में बाहरी राज्यों के वाहनों पर रोक लगाने से प्रदूषण का पूरा समाधान संभव नहीं माना जा रहा है।
प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर कई बार सुरक्षित सीमा से बहुत अधिक पहुंच जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों के अनुसार, हवा को साफ करने के लिए वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के साथ पराली जलाने, औद्योगिक उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण पर भी प्रभावी कदम उठाने जरूरी हैं।
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