करूर भगदड़ पर सीएम विजय का बड़ा आरोप, बोले- पुलिस ने मुझे ही घेरा!
करूर भगदड़ मामले पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते भीड़ बढ़ने की जानकारी दी जाती तो हादसा टल सकता था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर घटना का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का भरोसा भी दिया।
दि राइजिंग न्यूज़ | चेन्नई | 10 जुलाई 2026
तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले को लेकर मुख्यमंत्री विजय ने बड़ा बयान देते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूरी तरह पुलिस पर भरोसा किया था, लेकिन भीड़ की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई। उनका कहना था कि यदि प्रशासन पहले ही बढ़ती भीड़ और संभावित खतरे से अवगत करा देता, तो आवश्यक कदम उठाकर इस दुखद हादसे को टाला जा सकता था।
करूर भगदड़ ने पूरे तमिलनाडु को झकझोर दिया
तमिलनाडु के करूर में वर्ष 2025 में हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना को लेकर मुख्यमंत्री विजय ने शुक्रवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह हादसा केवल कुछ परिवारों का निजी दुख नहीं है, बल्कि पूरे तमिलनाडु के लिए एक ऐसी त्रासदी है जिसने हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में जिन परिवारों ने अपने बच्चों और प्रियजनों को खोया है, उनके दर्द की भरपाई किसी भी कीमत पर संभव नहीं है। राज्य सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
पुलिस पर भरोसा किया, लेकिन पूरी जानकारी नहीं मिली
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि करूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन और पुलिस के पास थी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में पहुंचने से पहले उन्होंने अधिकारियों पर पूरा विश्वास किया था और उन्हें यही भरोसा दिलाया गया था कि सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार उन्हें कहीं से भी यह जानकारी नहीं दी गई कि कार्यक्रम स्थल पर भीड़ लगातार बढ़ रही है और स्थिति नियंत्रण से बाहर जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें वास्तविक स्थिति का अंदाजा पहले ही हो जाता तो कार्यक्रम की रूपरेखा में बदलाव कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती थी।
पेरंबलूर पुलिस ने चेताया, करूर पुलिस ने नहीं दी जानकारी
उन्होंने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेरंबलूर जिले की पुलिस ने पहले ही संभावित भीड़ को लेकर सतर्क किया था, लेकिन करूर पुलिस की ओर से ऐसी कोई चेतावनी नहीं दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम स्थल तक उन्हें स्वयं पुलिस अधिकारी लेकर गए और पूरे समय यही विश्वास दिलाया गया कि सब कुछ सामान्य है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस पर पूरा भरोसा किया, लेकिन हादसे के बाद उसी भरोसे का परिणाम यह हुआ कि सारी जिम्मेदारी उनके ऊपर डालने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल उनके साथ अन्याय नहीं बल्कि वास्तविक तथ्यों को छिपाने का प्रयास भी है।
समय पर सूचना मिलती तो हादसा टल सकता था
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समय रहते भीड़ की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक जानकारी साझा की जाती तो प्रशासन कई महत्वपूर्ण फैसले ले सकता था। प्रवेश और निकास मार्गों में बदलाव, लोगों की संख्या को नियंत्रित करने की व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोकने जैसे विकल्प अपनाए जा सकते थे। उनका कहना था कि किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन में समय पर मिली एक छोटी सी सूचना भी कई लोगों की जान बचा सकती है। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर सूचना साझा करने की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाना बेहद आवश्यक है।
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए बनेंगी नई व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि करूर की यह घटना भविष्य के लिए एक बड़ा सबक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि राज्य में होने वाले सभी बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जाए। भीड़ प्रबंधन की आधुनिक प्रणाली अपनाई जाए, कार्यक्रम स्थलों की क्षमता का पहले से आकलन किया जाए और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता और सरकार इस दिशा में हर जरूरी कदम उठाएगी।
विपक्ष पर राजनीति करने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि इस दुखद घटना को लेकर कुछ राजनीतिक दल लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि ऐसे समय में राजनीति नहीं बल्कि संवेदनशीलता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके दर्द को समझने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है। सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए प्रतिबद्ध है और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल जनता के मुद्दों को उठाने के बजाय वर्षों से राजनीतिक लाभ और दलगत कोष के नाम पर भ्रष्टाचार करते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं देगी और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए लगातार सुधार किए जाएंगे।
पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा
मुख्यमंत्री विजय ने अंत में कहा कि करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति हमेशा राज्य के लिए एक पीड़ादायक याद रहेगी। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले, दोषियों की जवाबदेही तय हो और भविष्य में किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि बड़े आयोजनों में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में संयम बनाए रखें, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।